भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद आदर्श आचार संहिता को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि 4 मई को मतगणना पूरी होने और परिणाम घोषित होने के बाद अब इन राज्यों में चुनाव प्रक्रिया समाप्त मानी गई है। इसके साथ ही गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नागालैंड और त्रिपुरा में हुए उपचुनावों के बाद भी आचार संहिता खत्म कर दी गई है।

सिर्फ फलता सीट पर जारी रहेगी आचार संहिता
हालांकि पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर अभी आदर्श आचार संहिता लागू रहेगी। चुनाव आयोग ने यहां दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया है। आयोग के मुताबिक 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान गंभीर गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिसके बाद फलता सीट का चुनाव रद्द कर दिया गया।
अब इस सीट पर 21 मई को दोबारा मतदान कराया जाएगा, जबकि नतीजे 24 मई को घोषित होंगे। इसी वजह से फलता विधानसभा क्षेत्र में फिलहाल चुनावी नियम जारी रहेंगे।
सरकारें अब ले सकेंगी बड़े फैसले
आचार संहिता हटने के बाद अब संबंधित राज्यों की सरकारें नई योजनाओं की घोषणा, सरकारी भर्तियां, तबादले और नीतिगत फैसले ले सकेंगी। चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद से इन सभी गतिविधियों पर रोक लगी हुई थी।
चुनाव में किसे मिली सत्ता?
पांच राज्यों के चुनाव परिणामों में पश्चिम बंगाल और असम में भाजपा ने पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाई है। पुडुचेरी में एनडीए गठबंधन ने सत्ता बरकरार रखी है। वहीं तमिलनाडु में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और अभिनेता थलापति विजय की पार्टी टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके अलावा केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने सरकार बना ली है।
