मिलान/वॉशिंगटन:
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पर तीखा हमला बोलते हुए दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है। ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के खिलाफ संभावित अमेरिका-इजरायल कार्रवाई में इटली का समर्थन न देना “निराशाजनक” है।

इससे पहले ट्रंप ने पोप लियो XIV की आलोचना की थी, जिसके बाद मेलोनी ने उनके बयान को “अस्वीकार्य” करार दिया था। अब ट्रंप ने सीधे मेलोनी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि वे साहस दिखाएंगी, लेकिन वे गलत साबित हुए।
“जो साथ नहीं देगा, रिश्ते बदल जाएंगे”
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “ईरान के मुद्दे पर जो भी हमारा साथ देने से इनकार करेगा, उसके साथ हमारे संबंध पहले जैसे नहीं रहेंगे।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि काफी समय से उनकी और मेलोनी के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है।
मेलोनी का साफ रुख—इटली युद्ध में शामिल नहीं होगा
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि उनका देश ईरान के खिलाफ किसी सैन्य कार्रवाई में भाग नहीं लेगा। हाल ही में इटली ने अमेरिकी बमवर्षक विमानों को अपने सिसिली स्थित एयरबेस पर उतरने की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया था।
विशेषज्ञों की राय
अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस रुख का मेलोनी को राजनीतिक फायदा भी मिल सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, यूरोप में ट्रंप की छवि विवादास्पद होती जा रही है, जिससे मेलोनी अपने घरेलू समर्थन को मजबूत कर सकती हैं।
अमेरिका-इटली रिश्तों पर असर नहीं: इटली सरकार
हालांकि, इटली सरकार के मंत्रियों ने साफ किया है कि इस बयानबाजी का दोनों देशों के दीर्घकालिक संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इटली NATO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सहयोगी बने रहेंगे।
ईरान मुद्दे पर असहमति और तीखे बयानों के बीच अमेरिका और इटली के संबंधों में दरार साफ नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद वैश्विक राजनीति पर भी असर डाल सकता है।
