लखनऊ/अंतरराष्ट्रीय डेस्क | आवाज़ प्लस
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक पहल सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इजरायल और लेबनान के बीच 34 साल बाद पहली बार उच्चस्तरीय वार्ता आज (शुक्रवार) होने जा रही है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए इसे सकारात्मक संकेत बताया है।

शांति की दिशा में बड़ा कदम
ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है और अब इस वार्ता के जरिए “तनाव कम करने और लोगों को राहत देने” की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे “अच्छी शुरुआत” करार दिया।
सीजफायर की उम्मीदें तेज
इस घोषणा के बाद क्षेत्र में सीजफायर को लेकर उम्मीदें बढ़ गई हैं। फिलहाल इजरायल और लेबनान सीमा पर संघर्ष जारी है। हिजबुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना लगातार हमले कर रही है, जबकि हिजबुल्लाह भी जवाबी रॉकेट दाग रहा है।
ईरान-अमेरिका सीजफायर का असर सीमित
हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित सीजफायर से कुछ राहत की उम्मीद थी, लेकिन इसका असर इजरायल-लेबनान संघर्ष पर नहीं पड़ा। ईरान ने पहले दावा किया था कि इस युद्धविराम में लेबनान भी शामिल है, लेकिन बाद में अमेरिका और ईरान दोनों ने स्पष्ट किया कि यह समझौता अलग मुद्दा है।
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वार्ता सफल रहती है तो क्षेत्र में लंबे समय से जारी तनाव कम हो सकता है। हालांकि जमीनी हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं और किसी ठोस परिणाम के लिए दोनों पक्षों की सहमति जरूरी होगी।
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