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कराची, पाकिस्तान:
पाकिस्तान में गहराते ऊर्जा संकट ने आम लोगों की जिंदगी को गंभीर संकट में डाल दिया है। महंगाई और गैस की भारी किल्लत के बीच कराची के कई इलाकों में लोग अब खाना पकाने वाली गैस को प्लास्टिक के गुब्बारों में जमा करने जैसे खतरनाक तरीकों का सहारा ले रहे हैं।

🔴 क्या है पूरा मामला?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, खासकर कराची के ओरंगी टाउन जैसे इलाकों में गैस की सप्लाई बेहद अनियमित हो गई है। ऐसे में लोगों ने बाजार में मिलने वाले बड़े प्लास्टिक गुब्बारों में गैस भरकर उसे दिनभर इस्तेमाल करने का तरीका अपना लिया है।
इन गुब्बारों की कीमत लगभग 1000 से 1500 रुपये बताई जा रही है, जो एक अस्थायी स्टोरेज के रूप में इस्तेमाल किए जा रहे हैं।
🗣️ क्या कहते हैं स्थानीय लोग?
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है।
- सुबह-शाम गैस नहीं मिलती
- खाना पकाना मुश्किल हो गया है
- बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी झेलनी पड़ रही है
लोग इसे “मजबूरी का समाधान” बता रहे हैं, लेकिन यह समाधान जानलेवा भी साबित हो सकता है।
⚠️ विशेषज्ञों की चेतावनी
सुरक्षा विशेषज्ञों ने इस तरीके को बेहद खतरनाक करार दिया है।
- प्लास्टिक गुब्बारों में गैस जमा करना चलता-फिरता बम साबित हो सकता है
- हल्की चिंगारी, गर्मी या रगड़ से भी धमाका संभव
- घनी आबादी वाले इलाकों में बड़े हादसे का खतरा
विशेषज्ञों ने सरकार और गैस कंपनियों से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।
🌍 क्यों बिगड़े हालात?
विश्लेषकों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव—खासतौर पर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव—की वजह से ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर पाकिस्तान जैसे देशों पर पड़ा है, जहां पहले से ही आर्थिक संकट गहराया हुआ है।
पाकिस्तान में गैस संकट अब सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय और सुरक्षा संकट बन चुका है।
लोगों की यह ‘जुगाड़ तकनीक’ उनकी मजबूरी जरूर है, लेकिन यह किसी भी वक्त बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
