कौशांबी में नाबालिग से बलात्कार के आरोपी का पुलिस एनकाउंटर: पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

घटना का विवरण

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र में 1 सितंबर 2025 को एक नाबालिग बालिका के साथ बलात्कार के आरोपी महेश कुमार की पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ के दौरान आरोपी के दाहिने पैर में घुटने के नीचे गोली लगी, जिससे वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और इलाज के लिए मंझनपुर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध 315 बोर तमंचा, एक खोखा कारतूस, और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया। यह घटना क्षेत्र में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के प्रति पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, साथ ही समाज में नाबालिगों के खिलाफ अपराधों की गंभीरता को उजागर करती है।

अपराध का पृष्ठभूमि

31 अगस्त 2025 को सराय अकिल पुलिस को सूचना मिली कि महेश कुमार नामक व्यक्ति ने एक 4 वर्षीय नाबालिग बालिका को अपने घर ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इस जघन्य अपराध की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 65(2)/351(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5M/6 के तहत मामला दर्ज किया। यह अपराध न केवल कानूनी रूप से गंभीर है, बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत निंदनीय है, क्योंकि इसमें एक मासूम बच्ची को निशाना बनाया गया।

पुलिस की कार्रवाई

मामला दर्ज होने के बाद, कौशांबी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश कुमार ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। सराय अकिल पुलिस ने संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई। 1 सितंबर को एक मुखबिर ने सूचना दी कि महेश कुमार बकोढा तिराहा पर मौजूद है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की और बकोढा तिराहा पर आरोपी को घेर लिया।

मुठभेड़ का विवरण

जब पुलिस ने महेश कुमार को घेरा, तो उसने अपने आप को बचाने के लिए पुलिस टीम पर गोली चलाई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें महेश के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल होने के बावजूद पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया। मुठभेड़ के बाद, पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक 315 बोर का देसी तमंचा, एक खोखा कारतूस, और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। यह बरामदगी इस बात का प्रमाण है कि आरोपी न केवल बलात्कार जैसे गंभीर अपराध में लिप्त था, बल्कि उसके पास अवैध हथियार भी थे, जो उसे और खतरनाक बनाता था।

चिकित्सा और कानूनी प्रक्रिया

मुठभेड़ के बाद घायल महेश कुमार को तत्काल मंझनपुर जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। चायल डीएसपी अभिषेक सिंह ने पुष्टि की कि आरोपी के खिलाफ 31 अगस्त को दर्ज किए गए पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमे के आधार पर कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी घायल हुआ। वर्तमान में, पुलिस कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा कर रही है, और मामले की जांच जारी है।

सामाजिक और कानूनी निहितार्थ

यह घटना न केवल एक अपराधी की गिरफ्तारी को दर्शाती है, बल्कि समाज में नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते अपराधों और उनकी सुरक्षा के लिए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। पुलिस की इस मुठभेड़ ने एक बार फिर कानून प्रवर्तन एजेंसियों की सक्रियता को सामने लाया है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता है कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जाने चाहिए।

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