लखनऊ/मुंबई: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम की खबर ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार में भी नई जान फूंक दी है। बुधवार को बाजार खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर खरीदारी की जबरदस्त लहर देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी में ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 2,696 अंकों की छलांग लगाते हुए 77,312 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 767 अंकों की बढ़त के साथ 23,890 के पार निकल गया। बाजार की शुरुआत से ही निवेशकों का रुझान सकारात्मक रहा और चौतरफा खरीदारी देखने को मिली।
बाजार में तेजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब 2,534 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे, जबकि केवल 166 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
इन सेक्टर्स और शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी
आज की तेजी में खासतौर पर एविएशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस सेक्टर के शेयरों ने बाजी मारी। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) के शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला। इसके अलावा L&T, श्रीराम फाइनेंस, अदाणी पोर्ट्स और अदाणी एंटरप्राइजेज निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे।
वहीं, तेल की कीमतों में गिरावट का असर ONGC और कोल इंडिया जैसे शेयरों पर नकारात्मक रूप से पड़ा, जो लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
तेल की कीमतों में गिरावट बना बड़ा कारण
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर तनाव में आई कमी है। युद्धविराम की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में करीब 20% तक गिरावट दर्ज की गई है। भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए सस्ता तेल महंगाई को नियंत्रित करने और कंपनियों की लागत घटाने में मददगार साबित होता है।
आगे क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्धविराम की स्थिति स्थिर बनी रहती है और ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत सफल होती है, तो भारतीय शेयर बाजार जल्द ही अपने पुराने रिकॉर्ड स्तरों को पार कर सकता है।
फिलहाल, बाजार में उत्साह का माहौल है और बैंकिंग, आईटी समेत अधिकांश सेक्टरों में मजबूती देखी जा रही है।
(आवाज़ प्लस)
