कानपुर, उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश के कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में वित्तीय अनियमितता का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां 48 पुलिसकर्मियों को नियमों के विरुद्ध एक महीने का अतिरिक्त मानदेय जारी कर दिया गया। मामले के खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?
जांच में पाया गया कि अराजपत्रित पुलिसकर्मियों को दूसरे शनिवार और रविवार को ड्यूटी करने के बदले अतिरिक्त मानदेय दिया जाता है। लेकिन नियम के अनुसार यदि कोई कर्मचारी इन दिनों में अवकाश पर रहता है, तो उसके मानदेय में कटौती की जानी चाहिए।
इसके बावजूद, वित्तीय वर्ष के दौरान कई पुलिसकर्मी जो लंबी छुट्टी पर थे, उन्हें भी पूरा अतिरिक्त मानदेय दे दिया गया। यह स्पष्ट रूप से नियमों का उल्लंघन है।
जिम्मेदारों पर कार्रवाई
इस लापरवाही के लिए अकाउंट विभाग के मिनिस्ट्रियल स्टाफ को जिम्मेदार ठहराया गया है। कार्रवाई के तहत:
- एक दरोगा
- एक अन्य दरोगा
- एक हेड कांस्टेबल
- एक कांस्टेबल
को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
वसूली और जांच के आदेश
गलत तरीके से दिए गए अतिरिक्त वेतन की वसूली कर ली गई है। वहीं, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (क्राइम एवं मुख्यालय) संकल्प शर्मा ने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है।
पुलिस कमिश्नर ने सभी जोनों में मानदेय वितरण की समीक्षा के आदेश दिए हैं और तीन दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग का सख्त संदेश
पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच में यदि अन्य गड़बड़ियां सामने आती हैं, तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला न केवल वित्तीय अनुशासन पर सवाल खड़े करता है, बल्कि प्रशासनिक निगरानी की कमी को भी उजागर करता है। हालांकि, त्वरित कार्रवाई से विभाग ने यह संकेत जरूर दिया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
