आवाज़ प्लस | वित्तीय समाचार
लखनऊ। सुरक्षित और दीर्घकालिक निवेश की तलाश कर रहे निवेशकों के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक बार फिर आकर्षक विकल्प के रूप में सामने आया है। केंद्र सरकार की इस लोकप्रिय बचत योजना में नियमित निवेश के जरिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है, वह भी बिना जोखिम के।
मौजूदा समय में पीपीएफ पर 7.1 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिल रहा है। यदि कोई निवेशक हर साल ₹70,000 की राशि लगातार 15 वर्षों तक जमा करता है, तो मैच्योरिटी पर करीब ₹18,98,498 का फंड तैयार हो सकता है। इस अवधि में कुल निवेश ₹10,50,000 होगा, जबकि लगभग ₹8,48,498 ब्याज के रूप में मिलेगा।

क्या है पीपीएफ स्कीम?
पीपीएफ एक दीर्घकालिक निवेश योजना है, जिसकी मैच्योरिटी अवधि 15 साल होती है। इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि यह सरकार द्वारा समर्थित स्कीम है। निवेशक हर वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख तक जमा कर सकते हैं।
टैक्स में भी फायदा
इस योजना का एक बड़ा लाभ टैक्स छूट है। आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत निवेश की गई राशि पर टैक्स डिडक्शन मिलता है। साथ ही, मैच्योरिटी पर मिलने वाली राशि और ब्याज भी टैक्स-फ्री होते हैं।
लोन और आंशिक निकासी की सुविधा
पीपीएफ खाते में तीसरे से छठे वित्तीय वर्ष के बीच लोन की सुविधा मिलती है। वहीं, सातवें साल से आंशिक निकासी की अनुमति भी दी जाती है, जिससे जरूरत के समय पैसे का उपयोग किया जा सकता है।
निवेश की तारीख का रखें ध्यान
विशेषज्ञों के अनुसार, पीपीएफ खाते में हर महीने की 5 तारीख तक निवेश करना ज्यादा फायदेमंद होता है। इससे पूरे महीने का ब्याज मिलता है और कुल रिटर्न बेहतर बनता है।
खाता कहां खुलवाएं?
निवेशक पीपीएफ खाता किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खुलवा सकते हैं। नियम के अनुसार, एक व्यक्ति के नाम पर केवल एक ही पीपीएफ खाता खोला जा सकता है। हालांकि, माता-पिता अपने नाबालिग बच्चों के नाम से भी खाता खोल सकते हैं, लेकिन कुल निवेश सीमा ₹1.5 लाख ही रहेगी।
मैच्योरिटी के बाद क्या विकल्प?
15 साल की अवधि पूरी होने के बाद निवेशक चाहें तो खाते को 5-5 साल के ब्लॉक में आगे बढ़ा सकते हैं। इसमें अतिरिक्त निवेश की सुविधा भी मिलती है, जिससे फंड को और बड़ा किया जा सकता है।
लंबी अवधि में सुरक्षित और टैक्स-फ्री रिटर्न चाहने वालों के लिए पीपीएफ एक मजबूत निवेश विकल्प बना हुआ है। नियमित और अनुशासित निवेश से यह योजना भविष्य के लिए बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच तैयार कर सकती है।
