नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा समेत राज्यसभा के 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। इस घटनाक्रम ने न सिर्फ AAP बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल मचा दी है।

दो-तिहाई सांसदों के साथ अलग होने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई सांसदों के साथ मिलकर पार्टी से अलग होने का फैसला किया है। उन्होंने संकेत दिया कि वे संवैधानिक प्रावधानों के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय का रास्ता अपनाएंगे।
चड्ढा ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि AAP अब अपने मूल सिद्धांतों और नैतिकता से भटक चुकी है। उनका कहना था कि पार्टी अब देशहित के बजाय निजी स्वार्थों पर काम कर रही है।
संजय सिंह का पलटवार: ‘पंजाब में ऑपरेशन लोटस’
AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में “ऑपरेशन लोटस” चलाया जा रहा है, जिसके जरिए AAP सरकार को अस्थिर करने की कोशिश हो रही है।
सिंह ने कहा कि जिन नेताओं को पार्टी ने जमीन से उठाकर संसद तक पहुंचाया, वही अब पार्टी के साथ विश्वासघात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब की जनता इन नेताओं को कभी माफ नहीं करेगी।
पंजाब सरकार पर भी सियासी घमासान
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, खासकर नरेंद्र मोदी और अमित शाह, पंजाब की भगवंत मान सरकार के कामकाज में बाधा डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम कर रही है, लेकिन उसे राजनीतिक साजिश के तहत कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
राजनीतिक असर क्या होगा?
इस घटनाक्रम के बाद AAP की राज्यसभा में स्थिति कमजोर पड़ सकती है, वहीं भाजपा के लिए यह राजनीतिक रूप से बड़ा फायदा माना जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
(आवाज़ प्लस के लिए विशेष समाचार)
