चेन्नई/नई दिल्ली:
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार राजनीति ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लोकतंत्र में हर एक वोट की कितनी अहमियत होती है। तिरुपत्तूर विधानसभा सीट पर बेहद रोमांचक मुकाबले में तमिलगा वेट्ट्री कज़गम (TVK) के प्रत्याशी श्रीनिवास सेतुपति ने डीएमके के दिग्गज नेता और चार बार के विधायक पेरियाकरुप्पन को महज एक वोट से हराकर सनसनी फैला दी।

एक वोट से ऐतिहासिक जीत
तिरुपत्तूर सीट पर हुए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में श्रीनिवास सेतुपति को 83,375 वोट मिले, जबकि डीएमके उम्मीदवार पेरियाकरुप्पन को 83,374 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा। इस तरह केवल एक वोट के अंतर ने नतीजा बदल दिया। वहीं बीजेपी के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर रहे।
TVK की एंट्री और बड़ा धमाका
अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी TVK ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। यह पार्टी राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जिसने पारंपरिक राजनीतिक दलों को कड़ी टक्कर दी।
DMK और AIADMK को बड़ा झटका
इस चुनाव में डीएमके को 59 और AIADMK को 47 सीटों पर जीत मिली, जबकि कांग्रेस केवल 5 सीटों तक सीमित रह गई। सबसे बड़ा झटका तब लगा जब मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को भी अपनी कोलाथुर सीट से हार का सामना करना पड़ा। उन्हें TVK के वीएस बाबू ने 8,795 वोटों से पराजित किया।
दो सीटों से जीते विजय
TVK प्रमुख जोसेफ विजय ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पेरम्बूर सीट से 53,715 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। इसके अलावा उन्होंने तिरुचिरापल्ली (पूर्वी) सीट से भी जीत हासिल की, जहां उन्होंने डीएमके उम्मीदवार को 27,416 वोटों से हराया।
लोकतंत्र का बड़ा संदेश
तिरुपत्तूर का नतीजा इस चुनाव का सबसे बड़ा संदेश बनकर सामने आया है—कि एक-एक वोट सरकार बदलने की ताकत रखता है।
