चेन्नई:
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य में TVK प्रमुख जोसेफ विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अब AIADMK के भीतर भी खुली टूट सामने आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एसपी वेलुमणि और सीवी षणमुगम के नेतृत्व वाले गुट ने विजय की सरकार को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है।

AIADMK नेता सीवी षणमुगम ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि एडप्पाडी पलानीस्वामी ने DMK के समर्थन से मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन पार्टी के अधिकांश विधायकों ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि AIADMK की राजनीति पिछले 53 वर्षों से DMK के खिलाफ रही है और ऐसे में DMK के साथ जाना पार्टी के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता था।
षणमुगम ने कहा कि अगर AIADMK, DMK के साथ गठबंधन करती तो पार्टी की पहचान ही खत्म हो जाती। इसी वजह से विधायक दल ने जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए विजयी TVK सरकार को समर्थन देने का फैसला किया।
वहीं, एसपी वेलुमणि ने कहा कि उनका उद्देश्य AIADMK को तोड़ना नहीं, बल्कि पार्टी को मजबूत और जीवित रखना है। उन्होंने बताया कि विधायक दल ने उन्हें नेता और जी हरि को उपनेता चुना है।
राज्य में नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच अब AIADMK के भविष्य और विपक्ष की राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
