लखनऊ के गोमती नगर इलाके में एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक ने अपने ही पुराने दोस्त पर 63 लाख रुपये हड़पने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस की चुप्पी के बाद पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके आदेश पर अब मामला दर्ज किया गया है।
दोस्ती के भरोसे पर दिया 63 लाख रुपये
विराट खंड, गोमती नगर निवासी विवेक वर्मा ने कोर्ट में दायर याचिका में बताया कि उनके पुराने मित्र मुकेश सिंह ने अपने माता-पिता के नाम दर्ज मकान (पता- 3/186, विजयंत खंड, गोमती नगर) को बेचने की बात कही। मकान की कुल कीमत ₹95 लाख तय हुई थी।
इस सौदे के तहत विवेक ने भरोसा जताते हुए अग्रिम भुगतान कर दिया।
- ₹28 लाख मुकेश के बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए।
- ₹5 लाख नकद दिए।
- ₹30 लाख नकद मुकेश के पिता इन्द्रपाल सिंह को दिए।
कुल मिलाकर विवेक ने 63 लाख रुपये चुका दिए। तय यह हुआ था कि शेष ₹32 लाख रजिस्ट्री के दिन दिए जाएंगे।
रजिस्ट्री से मुकरा परिवार, दी धमकी
जब रजिस्ट्री की बात आई तो आरोपी मुकेश, उसके पिता इन्द्रपाल सिंह और मां विमलेश सिंह ने साफ इनकार कर दिया। पीड़ित का आरोप है कि न केवल उन्होंने मकान बेचने से मना किया बल्कि उसे गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी भी दी।
पुलिस चुप, कोर्ट पहुंचा पीड़ित
विवेक वर्मा ने सबसे पहले 18 जनवरी को गोमती नगर थाने में लिखित शिकायत दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद उन्होंने 27 फरवरी को पुलिस के उच्चाधिकारियों को स्पीड पोस्ट के जरिए शिकायत भेजी। रसीद भी न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
फिर भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो विवेक ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद गोमती नगर थाने में केस दर्ज किया गया।
63 लाख की ठगी ने दोस्ती में डाली दरार
यह पूरा मामला न केवल एक बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी को उजागर करता है बल्कि यह भी बताता है कि दोस्ती और विश्वास के नाम पर किए गए सौदे कितने खतरनाक हो सकते हैं।