लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र में 27 अगस्त 2025 (बुधवार) को हुई एक दुखद घटना पर आधारित है। यह मामला एमसी सक्सेना इंजीनियरिंग कॉलेज के एक बीटेक छात्र की आत्महत्या से जुड़ा है, जहां प्रेम संबंधों और रहन-सहन की व्यवस्था को लेकर झगड़ा मुख्य कारण बताया जा रहा है। मैंने इसकी पुष्टि के लिए वेब सर्च किया, जिसमें विभिन्न समाचार स्रोतों (जैसे लाइव हिंदुस्तान और न्यूजट्रैक) से मिली जानकारी शामिल है। X (पूर्व ट्विटर) पर इसकी कोई प्रमुख चर्चा नहीं मिली, जो घटना की ताजगी को देखते हुए सामान्य है। नीचे घटना का विस्तृत विवरण, अपडेट और संदर्भ दिए जा रहे हैं।
घटना का मुख्य विवरण
- मृतक की पहचान: रजनीश सिंह (उम्र 20-21 वर्ष), गोरखपुर जिले के पीपीगंज (डाढ़ाडीह) का निवासी। वह एमसी सक्सेना इंजीनियरिंग कॉलेज, दुबग्गा में बीटेक कंप्यूटर साइंस (सेकंड ईयर) का छात्र था। उसके पिता गुड्डू सिंह दुबई में नौकरी करते हैं, जबकि मां ऊषा, भाई सतीश और बहन चंचल गोरखपुर में रहते हैं।
- घटना का स्थान और समय: दुबग्गा के जेहटा क्षेत्र में श्रीकृष्ण पटेल (कृष्णा पटेल) के किराए के मकान में। रजनीश ने 27 अगस्त 2025 की शाम करीब 6 बजे अपने कमरे में पंखे से चादर के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली।
- कारण: रजनीश अपनी गर्लफ्रेंड कंचन (उसी कॉलेज की छात्रा और गोरखपुर के उसी गांव की रहने वाली) के साथ किराए पर रहने आया था। मंगलवार (26 अगस्त) को हॉस्टल छोड़कर वे दोनों बालागंज (जेहटा) में किराए का कमरा लेने आए। दोनों एक ही कमरे में रहना चाहते थे, लेकिन मकान मालिक ने उन्हें अलग-अलग कमरों में रखा और सामान भी अलग रखवा दिया। इसी व्यवस्था और अन्य बातों को लेकर बुधवार शाम को दोनों के बीच कहासुनी (झगड़ा) हो गया। झगड़े के बाद कंचन छत पर मोबाइल पर बात करने चली गई। जब वह लौटी, तो रजनीश फंदे पर लटका मिला। कंचन की चीख सुनकर अन्य छात्र पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
- घटना के बाद: कंचन बेहोश हो गई। छात्रों ने रजनीश को एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को सूचना दी गई। रजनीश के परिवार को शाम करीब 9 बजे खबर मिली। पिता दुबई से तुरंत फ्लाइट लेकर गुरुवार (28 अगस्त) सुबह 6 बजे लखनऊ पहुंचे।
यह घटना आवाज़ प्लस की विशेष रिपोर्ट पर आधारित है, जो छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक दबाव और रिश्तों की जटिलताओं को उजागर करती है।
पुलिस कार्रवाई और जांच
- दुबग्गा थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
- इंस्पेक्टर अभिनव कुमार वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। कंचन और अन्य छात्रों के बयान दर्ज किए गए हैं।
- फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिला, लेकिन परिवार ने घटना की गहन जांच की मांग की है। मां ऊषा ने कहा कि रजनीश खुशमिजाज और मेहनती था, वह ऐसा कदम नहीं उठा सकता। दोपहर 3 बजे मां से बात हुई थी, तब वह ठीक था, लेकिन शाम को फोन बंद आया।
- शव परिवार को सौंप दिया गया, और अंतिम संस्कार गोरखपुर में होने की संभावना है।
ताजा अपडेट (29 अगस्त 2025 तक)
मेरी खोज के अनुसार, यह घटना 27-28 अगस्त 2025 की है, और समाचार स्रोतों में इसकी पुष्टि हुई है। महत्वपूर्ण अपडेट:
- परिवार की प्रतिक्रिया: भाई सतीश ने बताया कि रजनीश पढ़ाई में तेज था, और पिता का सपना था कि वह बड़ा इंजीनियर बने। परिवार संदेह जता रहा है और पुलिस से हर एंगल से जांच की मांग कर रहा है।
- जांच की प्रगति: पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है, जिसमें झगड़े का कारण, मकान मालिक की भूमिका और कॉलेज के अन्य छात्रों के बयान शामिल हैं। कोई आपराधिक साजिश का संकेत नहीं मिला, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
- सामाजिक प्रतिक्रिया: X पर कोई विशिष्ट पोस्ट नहीं मिली, लेकिन स्थानीय मीडिया में इसे छात्र जीवन के तनाव से जोड़ा जा रहा है।
विवरण | जानकारी |
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घटना की तिथि | 27 अगस्त 2025, शाम 6 बजे |
मृतक | रजनीश सिंह (20-21 वर्ष, बीटेक सेकंड ईयर, एमसी सक्सेना कॉलेज) |
गर्लफ्रेंड | कंचन (उसी कॉलेज की छात्रा, गोरखपुर की) |
स्थान | जेहटा, दुबग्गा, लखनऊ (श्रीकृष्ण पटेल का किराए का मकान) |
कारण | गर्लफ्रेंड से झगड़ा (रहन-सहन की व्यवस्था पर) |
पुलिस स्टेशन | दुबग्गा थाना |
अपडेट | पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार; परिवार ने जांच की मांग की; कोई सुसाइड नोट नहीं |
व्यापक संदर्भ और चिंता
लखनऊ में छात्रों की आत्महत्याओं का सिलसिला चिंताजनक है, जो पढ़ाई के दबाव, रिश्तों की समस्याओं और रहन-सहन की जटिलताओं से जुड़ा है। हालिया उदाहरण:
- 22 अगस्त 2025: गोमतीनगर में 18 वर्षीय छात्र सिद्धार्थ की ऑनलाइन गेमिंग लत से आत्महत्या।
- जनवरी 2025: पारा में बीएससी छात्र की फांसी।
- मई 2025: कृष्णा नगर में पॉलिटेक्निक छात्रा की मौत।
- अन्य मामले: परीक्षा दबाव, रैगिंग या पारिवारिक झगड़ों से जुड़े (जैसे फरवरी 2025 में टीवी पर झगड़े से 16 वर्षीय छात्र की आत्महत्या)।
NCRB डेटा (2024 तक) यूपी में छात्र आत्महत्याओं में वृद्धि दिखाता है, खासकर इंजीनियरिंग कॉलेजों में। परिवारों को मानसिक स्वास्थ्य सहायता (जैसे हेल्पलाइन 1800-233-3330) की जरूरत है।