कौशाम्बी जिले में शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को उदयन सभागार में आयोजित जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने छात्रों के आधार प्रमाणीकरण को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए। इस कार्य में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने सरसवां, नेवादा और कौशाम्बी के खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) का वेतन रोकने के आदेश जारी कर दिए।
यूनिफॉर्म के साथ फोटो अपलोड न करने पर स्पष्टीकरण
डीएम डॉ. अमित पाल ने यह भी पाया कि कई विद्यालयों में बच्चों की यूनिफॉर्म के साथ फोटो पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी कौशाम्बी, मूरतगंज और सरसवां से स्पष्टीकरण तलब किया है।
उन्होंने साफ कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तभी सही तरीके से मिल पाएगा, जब पोर्टल पर सभी जरूरी जानकारियां समय से अपडेट हों।
पढ़ाई की गुणवत्ता और उपस्थिति बढ़ाने पर जोर
बैठक में डीएम ने शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए कई अहम निर्देश दिए—
- छात्रों से कार्य पुस्तिकाएं नियमित रूप से भरवाई जाएं
- निपुण तालिका लगातार अपडेट रखी जाए
- विद्यालयों में छात्र उपस्थिति बढ़ाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं
उन्होंने कहा कि केवल कागजी रिपोर्ट नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुधार दिखाई देना चाहिए।
मध्यान्ह भोजन में लापरवाही पर सख्त चेतावनी
जिलाधिकारी ने मध्यान्ह भोजन योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि भोजन की गुणवत्ता या वितरण में कहीं भी लापरवाही पाई गई, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और KGBV पर फोकस
डीएम डॉ. अमित पाल ने ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ योजना के तहत स्कूलों में चल रहे सभी कार्यों को समय से पूरा कराने के लिए समिति गठित करने के आदेश दिए।
इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरने के लिए चयन प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया, ताकि बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित न हो।
अधिकारियों को स्पष्ट संदेश: काम नहीं तो कार्रवाई तय
बैठक में डीएम ने दो टूक कहा कि शिक्षा विभाग में जवाबदेही तय की जाएगी। जो अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस अहम समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
कौशाम्बी में जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल की सख्ती से साफ है कि अब शिक्षा व्यवस्था में ढिलाई नहीं चलेगी। आधार प्रमाणीकरण से लेकर मध्यान्ह भोजन, छात्र उपस्थिति और विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं तक—हर स्तर पर सुधार लाने की दिशा में प्रशासन ने कमर कस ली है। आने वाले दिनों में इसका असर जमीनी स्तर पर कितना दिखता है, यह देखने वाली बात होगी।
