नई दिल्ली। भारतीय चुनाव आयोग ने मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदान वाले दिन सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के निर्देश जारी किए हैं। स्पष्ट किया गया है कि इस दिन किसी भी कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जा सकती।
चुनाव आयोग के मुताबिक, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 135B के तहत हर मतदाता को वोट डालने का अधिकार है। ऐसे में सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ-साथ दिहाड़ी मजदूरों को भी मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश (Paid Holiday) दिया जाएगा। यदि कोई कर्मचारी अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र से बाहर कार्यरत है, तो उसे भी मतदान के लिए छुट्टी मिलना अनिवार्य होगा।
आयोग ने यह भी साफ किया है कि निर्देशों का पालन न करने वाले नियोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
इन तारीखों पर रहेगा अवकाश
- 9 अप्रैल 2026 — असम, केरल, पुडुचेरी
- 23 अप्रैल 2026 — तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल (पहला चरण)
- 29 अप्रैल 2026 — पश्चिम बंगाल (दूसरा चरण)
कहां कितनी सीटों पर मतदान
असम की 126 और केरल की 140 विधानसभा सीटों के साथ पुडुचेरी की 30 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा। तमिलनाडु की 234 सीटों पर 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 152 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में उपचुनाव भी इसी दौरान संपन्न होंगे।
चुनाव आयोग ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया है कि वे कर्मचारियों को मतदान के लिए प्रोत्साहित करें और उन्हें बिना किसी बाधा के वोट डालने का अवसर दें।
