क्रिकेट में आमतौर पर प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड उसी खिलाड़ी को मिलता है, जिसने बल्ले या गेंद से शानदार प्रदर्शन किया हो। लेकिन वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक ऐसा अनोखा मामला भी सामने आया, जब एक खिलाड़ी को बिना रन बनाए, बिना विकेट लिए और बिना कैच पकड़े ही इस सम्मान से नवाजा गया।

यह दिलचस्प घटना साल 2001 में हरारे क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के बीच वनडे मैच की है। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 5 विकेट खोकर 266 रन बनाए। टीम के लिए डेरेन गंगा ने 66 रन, क्रिस गेल ने 53 रन और शिवनारायण चंद्रपॉल ने 51 रनों का योगदान दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत अच्छी रही और कप्तान एलिस्टर कैंपबेल ने 68 रनों की पारी खेली, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सके। पूरी टीम 50 ओवर में 9 विकेट पर 239 रन ही बना सकी और वेस्टइंडीज ने यह मुकाबला 27 रनों से जीत लिया।
मैच में वेस्टइंडीज के गेंदबाज मार्विन ढिल्लन ने 3 विकेट लिए, लेकिन सभी को चौंकाते हुए प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड कैमरून कॉफी को दिया गया।
किफायती गेंदबाजी बनी वजह
कैमरून कॉफी इस मैच में बल्लेबाजी करने नहीं आए और गेंदबाजी में भी उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। इसके बावजूद उनकी गेंदबाजी बेहद किफायती रही। उन्होंने अपने 10 ओवर के स्पेल में सिर्फ 20 रन दिए और 2 ओवर मेडन डाले।
जहां अन्य गेंदबाज रन खर्च कर रहे थे, वहीं कॉफी ने विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। उनकी इस कसी हुई गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे की रन गति को रोकने में अहम भूमिका निभाई, जो अंततः टीम की जीत का कारण बनी।
यही वजह रही कि बिना किसी विकेट या रन के भी कैमरून कॉफी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। यह घटना आज भी वनडे क्रिकेट के सबसे अनोखे रिकॉर्ड्स में गिनी जाती है।
