लखनऊ। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कर्मफल दाता शनि देव 13 मार्च की शाम मीन राशि में अस्त हो चुके हैं। शनि 17 अप्रैल तक अस्त अवस्था में रहेंगे। इस दौरान ग्रह की शक्ति क्षीण मानी जाती है, जिसका असर विभिन्न राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलता है। जहां कुछ जातकों को राहत मिल सकती है, वहीं कुछ राशियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

ज्योतिषियों के मुताबिक, शनि के अस्त होने का विशेष प्रभाव मेष, सिंह और मीन राशि के जातकों पर पड़ सकता है। इन राशियों के लोगों को इस अवधि में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मेष राशि पर असर
मेष राशि के लिए शनि द्वादश भाव में स्थित हैं, जो खर्च और हानि का भाव माना जाता है। शनि के अस्त होने से अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और आर्थिक दबाव की स्थिति बन सकती है। कार्यक्षेत्र में बाधाएं और मानसिक तनाव भी बढ़ने की आशंका है। कुछ लोगों को नींद से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
उपाय: हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करना लाभकारी रहेगा।
सिंह राशि के लिए चेतावनी
सिंह राशि में शनि अष्टम भाव में अस्त हैं, जो अचानक घटनाओं और स्वास्थ्य से जुड़ा होता है। इस दौरान स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। छोटी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। साथ ही, संपत्ति या कानूनी मामलों में उलझनें बढ़ सकती हैं और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।
उपाय: काले तिल, सरसों का तेल और लोहे का दान करना शुभ रहेगा।
मीन राशि पर प्रभाव
मीन राशि के लग्न भाव में शनि के अस्त होने से आत्मविश्वास में कमी आ सकती है। वैवाहिक जीवन में तनाव और जीवनसाथी के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है। आलस्य बढ़ने से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। संतान पक्ष को लेकर भी चिंता बनी रह सकती है।
उपाय: भगवान शिव की उपासना और नियमित पूजा करना लाभदायक रहेगा।
निष्कर्ष
शनि के अस्त रहने की यह अवधि 17 अप्रैल तक जारी रहेगी। इस दौरान संबंधित राशियों के जातकों को संयम, सतर्कता और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी जाती है। ज्योतिषीय उपायों के माध्यम से संभावित नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सकता है।
