नोएडा/गाजियाबाद:
नोएडा के सेक्टर-94 स्थित एक परित्यक्त निर्माण स्थल पर मिले एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र हर्षित भट्ट की मौत को लेकर चल रहे संदेह पर अब विराम लग गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ है कि हर्षित की मौत डूबने से दम घुटने के कारण हुई थी। रिपोर्ट में उसकी सांस की नली में कीचड़ और रेत मिलने की पुष्टि हुई है, जबकि शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?
गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी हर्षित भट्ट, जो निजी विश्वविद्यालय में शारीरिक शिक्षा (स्नातक) के अंतिम वर्ष का छात्र था, बुधवार को अपने चार दोस्तों के साथ परीक्षा समाप्ति के बाद जश्न मनाने सेक्टर-94 पहुंचा था। इसी दौरान वह पास के पानी से भरे गहरे गड्ढे में नहाने उतरा और अचानक डूब गया।
चश्मदीदों का बयान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हर्षित इससे पहले भी पानी में गया था, लेकिन इस बार वह गहराई में चला गया और बाहर नहीं निकल सका। मौके पर मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की और पुलिस को सूचना दी।
रेस्क्यू ऑपरेशन और अस्पताल में मौत
सूचना मिलते ही पुलिस और पीआरवी टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से हर्षित को बाहर निकाला गया और तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बचाव के दौरान पानी में उतरे अन्य छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
परिजनों ने जताया था हत्या का शक
घटना के बाद हर्षित के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि हर्षित को तैरना आता था, इसलिए उसके डूबने की संभावना कम है। साथ ही उन्होंने शरीर पर कुछ काले निशानों का भी जिक्र किया था, जिससे संदेह और गहरा गया था।
पुलिस का पक्ष
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अब तक परिजनों की ओर से कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या के कोई संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, मामले की गहन जांच के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है।
निष्कर्ष
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि हर्षित की मौत एक दुर्घटना थी, न कि हत्या। फिर भी, परिजनों के संदेह को देखते हुए आगे की जांच जारी रहेगी।
