आवाज़ प्लस | विशेष समाचार
नई दिल्ली/पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ लेकर अपनी संसदीय राजनीति का एक नया अध्याय शुरू कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने चारों सदनों—लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद—का हिस्सा बनने का अपना पुराना सपना भी पूरा कर लिया।

शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीतीश कुमार के लिए विशेष संदेश जारी करते हुए उन्हें देश के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार की सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता और बिहार के विकास में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद में उनका अनुभव सदन की गरिमा को और बढ़ाएगा।
नीतीश कुमार ने दिल्ली पहुंचकर अपने पहले बयान में कहा कि वे लंबे समय तक बिहार में काम करते रहे हैं और अब संसद में भी उसी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देंगे।
बिहार में सियासी हलचल तेज
इधर, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के साथ ही बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। नई सरकार के गठन को लेकर बीजेपी सक्रिय हो गई है। दिल्ली में पार्टी की कोर ग्रुप बैठक में मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बन सकता है।
संभावित कार्यक्रम इस प्रकार:
- 13 अप्रैल: बिहार कैबिनेट की बैठक
- 14 अप्रैल: नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा
- 14 अप्रैल: एनडीए विधायक दल की बैठक
- 15 अप्रैल: पटना के गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह संभव
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक बड़े सत्ता परिवर्तन का संकेत हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य की दिशा और दशा पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
(आवाज़ प्लस के लिए रिपोर्ट)
