कांकेर (छत्तीसगढ़), आवाज़ प्लस।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में 5 लाख रुपये की इनामी महिला नक्सली को मुठभेड़ में मार गिराया गया। मारी गई नक्सली की पहचान एरिया कमेटी सदस्य रूपी के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, छोटेबेठिया-परतापुर थाना क्षेत्र के माचपल्ली-आरामझोरा-हिडूर के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। अभियान के दौरान माचपल्ली इलाके में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें रूपी मारी गई।
पति भी था नक्सली, 2025 में हुआ था ढेर
बताया जा रहा है कि रूपी दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी। विजय रेड्डी भी वर्ष 2025 में मानपुर-मोहला जिले में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था।
मौके से हथियार और गोला-बारूद बरामद
घटनास्थल से एक पिस्तौल, गोला-बारूद और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने पूरे इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन जारी रखा है।
बस्तर की अंतिम तेलुगू कैडर बताई गई रूपी
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम के मुताबिक, रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील कर रही है, जिसके चलते हाल के महीनों में कई उग्रवादी मुख्यधारा में लौटे हैं।
इस साल अब तक 28 नक्सली ढेर
इस मुठभेड़ के साथ ही वर्ष 2026 में अब तक छत्तीसगढ़ में 28 नक्सली मारे जा चुके हैं। वहीं, वर्ष 2025 में राज्य में कुल 285 नक्सलियों को सुरक्षाबलों ने ढेर किया था।
मुख्यधारा में लौटने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने शेष नक्सलियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करने और शांतिपूर्ण जीवन अपनाने की अपील की है।
