नोएडा | आवाज़ प्लस
उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन सोमवार को अचानक उग्र हो गया। पिछले तीन दिनों से चल रहा शांतिपूर्ण विरोध आज हिंसक रूप ले बैठा। प्रदर्शनकारियों ने नोएडा फेज-2 और सेक्टर-62 समेत कई इलाकों में सड़क जाम कर दिया, पथराव किया और कुछ वाहनों में आगजनी की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई।

क्यों भड़का मजदूरों का गुस्सा?
हजारों की संख्या में फैक्ट्री कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें मात्र 10 से 13 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।
मजदूरों का आरोप है कि सरकार द्वारा तय न्यूनतम वेतन का पालन नहीं किया जा रहा और कई कंपनियां श्रम कानूनों की अनदेखी कर रही हैं।
क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?
- न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर कम से कम 20 हजार रुपये की जाए
- हरियाणा मॉडल की तरह 35% वेतन वृद्धि लागू हो
- ओवरटाइम का दोगुना भुगतान सुनिश्चित किया जाए
- कर्मचारियों को बोनस दिया जाए
- महिला कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो
- कार्यस्थल पर बेहतर भोजन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
बढ़ते तनाव को देखते हुए नोएडा प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और मजदूरों से बातचीत की। प्रशासन ने कई अहम मांगों को मानने का भरोसा दिया है:
- ओवरटाइम का दोगुना भुगतान
- समय पर वेतन भुगतान की गारंटी
- कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना
- छंटनी की स्थिति में मुआवजा
- साप्ताहिक अवकाश लागू करना
सीएम योगी ने लिया संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने 24 घंटे के भीतर मजदूरों की समस्याओं के समाधान और उन्हें सम्मानजनक वेतन दिलाने की बात कही है। साथ ही, किसी भी भड़काऊ गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है।
हालात पर काबू, लेकिन तनाव बरकरार
फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। प्रशासन और मजदूरों के बीच बातचीत जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि वादों पर अमल होता है या नहीं।
(आवाज़ प्लस | ग्राउंड रिपोर्ट)
