नई दिल्ली:संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विधेयकों पर आज जोरदार बहस के बाद निर्णायक दिन है। शुक्रवार को लोकसभा में चर्चा पूरी होने के बाद शाम 4 बजे इन विधेयकों पर मतदान कराया जाएगा।

सरकार ने ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026’ पेश किए हैं, जिनका उद्देश्य लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देना है। हालांकि, इन विधेयकों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है।
विपक्ष के आरोप और सवाल
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि सरकार महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। सपा सांसद डिंपल यादव ने इसे “मुखौटा” बताते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर इसे लागू करने में देरी कर रही है। वहीं कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना “राजनीतिक जोखिम” पैदा करेगा।
डीएमके सांसद कनिमोझी ने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं को “ह्यूमन शील्ड” की तरह इस्तेमाल कर रही है, जबकि अकाली दल की हरसिमरत कौर ने परिसीमन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग उठाई।
सरकार का पक्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से इस विधेयक को सर्वसम्मति से पारित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के इस कदम को राजनीति से ऊपर उठकर देखना चाहिए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिसीमन में किसी राज्य की सीटें कम नहीं होंगी।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह बिल देश की महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है और विपक्ष को इसका समर्थन करना चाहिए।
महत्वपूर्ण बिंदु
- महिला आरक्षण: 33% सीटें महिलाओं के लिए
- परिसीमन: जनगणना के आधार पर सीटों का पुनर्निर्धारण
- वोटिंग का समय: शाम 4 बजे
- विशेष सत्र: सरकार ने तीन दिन के लिए बुलाया
अब सभी की नजरें आज होने वाली वोटिंग पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि यह ऐतिहासिक विधेयक किस रूप में आगे बढ़ता है।
