‘कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए’: पहलगाम हमले की बरसी से पहले भारतीय सेना का कड़ा संदेश

लखनऊ/नई दिल्ली:
पहलगाम आतंकी हमले की बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना ने आतंकियों को कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, “जब इंसानियत की सीमाएं लांघ जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिल गया है। भारत एकजुट है।”

सेना ने अपने संदेश के साथ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का लोगो भी साझा किया, जिसमें लिखा था—“कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए। भारत कभी भूलता नहीं है।” इस पोस्ट को देश की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का संकेत माना जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर से लिया गया था बदला
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने हमला कर कई निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी थी। इस हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था।

इस सैन्य कार्रवाई के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। सेना के अनुसार, यह ऑपरेशन पूरी तरह योजनाबद्ध और लक्ष्य आधारित था।

आतंकी ढांचे किए गए थे ध्वस्त
सेना ने स्पष्ट किया कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल उन आतंकी ठिकानों को नष्ट करना था, जहां से भारत के खिलाफ हमलों की साजिश रची जा रही थी। ऑपरेशन के दौरान किसी भी नागरिक क्षेत्र को निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि पूरी तरह आतंकवादी ढांचे पर फोकस रखा गया।

देश को दिया एकजुटता का संदेश
बरसी से पहले जारी इस बयान को सेना का मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति पर अडिग है और किसी भी हमले का जवाब देने में सक्षम है।

भारतीय सेना का यह संदेश न केवल आतंकियों के लिए चेतावनी है, बल्कि देशवासियों के लिए एकजुटता और भरोसे का प्रतीक भी है—कि भारत अपनी सुरक्षा और सम्मान के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा।

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