पटना: बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया है। जदयू विधायकों की बैठक में इस फैसले का अधिकार पार्टी के शीर्ष नेता नीतीश कुमार को सौंपा गया था, जिस पर अंतिम मुहर उन्होंने लगा दी।

विधानसभा से जारी हुआ नोटिफिकेशन
श्रवण कुमार के विधायक दल का नेता चुने जाने को लेकर विधानसभा से आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। वे बिहार के नालंदा विधानसभा क्षेत्र से लगातार आठवीं बार विधायक चुने गए हैं और पार्टी के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं।
डिप्टी सीएम की दौड़ में थे शामिल
राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि श्रवण कुमार उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में भी शामिल थे। हालांकि, पार्टी ने इस पद के लिए विजेंद्र यादव और विजय कुमार चौधरी को जिम्मेदारी सौंपी। ऐसे में अब उन्हें विधायक दल के नेता की अहम भूमिका दी गई है।
नीतीश कुमार के करीबी माने जाते हैं
श्रवण कुमार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद नेताओं में माना जाता है। वे पहले भी बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं और ग्रामीण विकास समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। संगठन से लेकर सरकार तक, उनका राजनीतिक अनुभव काफी मजबूत माना जाता है।
विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश पर छोड़ा था फैसला
सोमवार को हुई जदयू विधायक दल की बैठक में सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से नेता चुनने का अधिकार नीतीश कुमार को दिया था। बैठक को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाने और विकास योजनाओं को जारी रखने पर जोर दिया।
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने बताया कि नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि वे अधिकतम समय बिहार में रहकर सरकार के कामकाज पर नजर रखेंगे और विकास कार्यों की समीक्षा करते रहेंगे।
राजनीतिक संदेश क्या है?
श्रवण कुमार की नियुक्ति को जदयू के भीतर अनुभव और भरोसे को प्राथमिकता देने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। इससे पार्टी संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद जताई जा रही है।
