नई दिल्ली:
देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने हालात गंभीर कर दिए हैं। AQI.in की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के 20 सबसे गर्म शहरों में से 19 भारत के हैं, जो देश में बढ़ते तापमान और लू की तीव्रता को दर्शाता है। खासतौर पर बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के शहर इस सूची में प्रमुख रूप से शामिल हैं।

आज के आंकड़ों के अनुसार, बिहार का भागलपुर, ओडिशा का तालचेर और पश्चिम बंगाल का आसनसोल 44 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शीर्ष पर हैं। इनके अलावा बिहार के बेगूसराय, मोतिहारी, मुंगेर, भोजपुर, सीवान और बेतिया सहित कई शहरों में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर, बीरभूम, बांकुरा, रानीगंज, कुल्टी और पश्चिम मेदिनीपुर जैसे क्षेत्रों में भी तापमान 43 डिग्री तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और वाराणसी भी इस लिस्ट में शामिल हैं। सूची में एकमात्र विदेशी शहर नेपाल का लुंबिनी है, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
क्यों बढ़ रही है गर्मी?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अप्रैल माह में साफ आसमान और तीव्र सौर विकिरण के कारण जमीन तेजी से गर्म हो रही है। मानसून-पूर्व अवधि में यह सामान्य प्रवृत्ति होती है, लेकिन इस बार तापमान असामान्य रूप से अधिक है। हवा की गति कम होने और बादलों की अनुपस्थिति ने भी गर्मी को और बढ़ा दिया है।
मौसम विभाग का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 22 से 24 अप्रैल के बीच कई राज्यों में लू (हीटवेव) की स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 43 डिग्री या उससे ऊपर जा सकता है। लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह एक क्षेत्र में अत्यधिक तापमान का केंद्रित होना जलवायु परिवर्तन और मौसम की बढ़ती अस्थिरता का संकेत है। आने वाले दिनों में भी स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी रह सकती है।
(आवाज़ प्लस)
