वॉशिंगटन/तेहरान: ईरान के साथ जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के सैन्य संसाधनों पर भारी दबाव सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले सात सप्ताह के युद्ध में अमेरिकी बैलिस्टिक मिसाइलों और गोला-बारूद का भंडार करीब 45 से 50 फीसदी तक घट गया है। इस स्थिति ने अमेरिकी रक्षा तैयारियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस दौरान अमेरिका ने अपनी प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइलों का लगभग 45%, THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) सिस्टम के मिसाइल स्टॉक का आधा और पैट्रियट एयर डिफेंस इंटरसेप्टर मिसाइलों का करीब 50% इस्तेमाल कर लिया। ये दोनों सिस्टम मुख्य रूप से बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए बनाए गए हैं, लेकिन युद्ध के दौरान इनका उपयोग ईरानी ड्रोन को मार गिराने में भी किया गया।
पेंटागन ने माना—घट गया गोला-बारूद का भंडार
अमेरिकी रक्षा विभाग (पेंटागन) ने भी स्वीकार किया है कि युद्ध के चलते गोला-बारूद के भंडार चिंताजनक स्तर तक कम हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सेना को अपनी “मैगजीन डेप्थ” यानी हथियारों के स्टॉक को तेजी से बढ़ाने की जरूरत है।
2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर रक्षा बजट का प्रस्ताव
इस पृष्ठभूमि में अमेरिका ने 2027 के लिए रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में रक्षा खर्च को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की तैयारी है। इस बजट में विशेष रूप से ड्रोन, एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइलों पर बड़ा निवेश प्रस्तावित है।
- ड्रोन और संबंधित तकनीक पर खर्च बढ़ाकर 74 अरब डॉलर से अधिक
- महत्वपूर्ण गोला-बारूद और मिसाइल इंटरसेप्टर के लिए 30 अरब डॉलर
- काउंटर-ड्रोन सिस्टम के लिए 21 अरब डॉलर
ड्रोन युद्ध बना सबसे बड़ा फोकस
पेंटागन अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक युद्ध में ड्रोन निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। ईरान और यूक्रेन जैसे संघर्षों ने यह साबित कर दिया है कि भविष्य के युद्धों में मानव रहित सिस्टम प्रमुख हथियार होंगे। इसी कारण अमेरिका ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीक पर अब तक का सबसे बड़ा निवेश करने जा रहा है।
टोमहॉक मिसाइलों की खरीद में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
अमेरिकी नौसेना ने टोमहॉक क्रूज मिसाइलों की खरीद में भारी वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। पिछले वर्ष जहां 55 मिसाइलों की मांग थी, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 785 कर दिया गया है। यह लंबी दूरी की मिसाइल ईरान संघर्ष में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल की गई, जिससे इसकी कमी को लेकर चिंता बढ़ी है।
सैनिकों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
पेंटागन ने 2027 तक करीब 44,500 अतिरिक्त सैनिकों की भर्ती का भी प्रस्ताव रखा है, जो कुल सैन्य बल में 2% से अधिक की वृद्धि होगी। इसके अलावा अमेरिका-मेक्सिको सीमा सुरक्षा पर 2 अरब डॉलर और 1962 के बाद का सबसे बड़ा जहाज निर्माण कार्यक्रम भी योजना में शामिल है।
विशेषज्ञों की चिंता—खपत ज्यादा, उत्पादन कम
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका जितनी तेजी से अपने हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, उतनी तेजी से उनकी भरपाई नहीं हो पा रही है। इससे भविष्य में बड़े संघर्षों के लिए तैयारियों पर असर पड़ सकता है।
कुल मिलाकर, ईरान के साथ जारी युद्ध ने अमेरिकी सैन्य रणनीति और संसाधन प्रबंधन की चुनौतियों को उजागर कर दिया है, जिसके चलते रक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
