मध्य पूर्व में तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) से लदा टैंकर जहाज ‘मुबाराज़’ होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारतीय जलक्षेत्र के करीब पहुंच गया है। यह खेप ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में युद्ध की आशंका से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बना हुआ है।

क्या है पूरा मामला
अमेरिका-ईरान तनाव और संभावित संघर्ष के चलते खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात के दास द्वीप से मार्च में रवाना हुआ ‘मुबाराज़’ जहाज लंबे समय तक क्षेत्र में फंसा रहा। जहाज ट्रैकिंग संकेतों के अनुसार, अब यह फिर सक्रिय होकर भारत के पास देखा गया है, जिससे संकेत मिलता है कि हालात कुछ हद तक सामान्य हो रहे हैं।
एलएनजी क्या होती है?
एलएनजी यानी द्रवीकृत प्राकृतिक गैस—यह प्राकृतिक गैस को लगभग -162°C तक ठंडा करके तरल रूप में बदलकर तैयार की जाती है। इस प्रक्रिया से गैस का आयतन लगभग 600 गुना तक कम हो जाता है, जिससे इसे जहाजों के जरिए आसानी से लंबी दूरी तक भेजा जा सकता है।
- रंगहीन, गंधहीन और साफ ईंधन
- कोयला और तेल की तुलना में कम प्रदूषण
- बिजली उत्पादन, उद्योग और शहर गैस नेटवर्क में उपयोग
भारत के लिए क्यों अहम
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है। ऐसे में:
- LNG आपूर्ति बढ़ने से गैस की कीमतों पर नियंत्रण संभव
- बिजली और उद्योगों को सतत ऊर्जा आपूर्ति
- पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता में कमी
- स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में मदद
होर्मुज जलडमरूमध्य की अहमियत
दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। किसी भी तरह का तनाव या नाकाबंदी सीधे वैश्विक बाजार को प्रभावित करती है। ऐसे में इस मार्ग से LNG टैंकर का सुरक्षित गुजरना न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
‘मुबाराज़’ जैसे LNG टैंकर का भारत की ओर बढ़ना मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के बीच राहत की खबर है। इससे यह साफ है कि ऊर्जा आपूर्ति की लाइफलाइन धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है, जो आने वाले समय में भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
