लखनऊ/दिल्ली:
उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा मील का पत्थर जुड़ गया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे—गंगा एक्सप्रेसवे—का लोकार्पण किया। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक फैला हुआ है और राज्य के पश्चिमी व पूर्वी हिस्सों को सीधे जोड़ता है।

करीब ₹36,230 करोड़ की लागत से तैयार यह 6-लेन एक्सप्रेसवे भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इसके शुरू होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि समय और ईंधन की भी बड़ी बचत होगी।
🚗 अब कितना लगेगा समय?
गंगा एक्सप्रेसवे के चालू होने से यात्रा समय में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा:
- दिल्ली से प्रयागराज: पहले 12–13 घंटे → अब सिर्फ 7–8 घंटे
- दिल्ली से वाराणसी: पहले 12–14 घंटे → अब लगभग 8–9 घंटे
- दिल्ली से पटना: पहले 16–18 घंटे → अब करीब 12–13 घंटे
यात्री दिल्ली-एनसीआर से बुलंदशहर के पास एक्सप्रेसवे पर प्रवेश कर सकेंगे।
🛣️ 12 जिलों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरता है:
मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।
इससे इन क्षेत्रों में व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
⚙️ हाई-टेक सुविधाएं और सुरक्षा
गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक और सुरक्षा मानकों के साथ विकसित किया गया है:
- 6 लेन चौड़ी सड़क (भविष्य में 8 लेन)
- 3.5 किमी लंबी एयरस्ट्रिप (आपातकालीन स्थिति में वायुसेना के लिए)
- एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग वाहन
- ट्रॉमा सेंटर और सीसीटीवी निगरानी
- बेहतर सड़क सुरक्षा प्रबंधन
📈 विकास की नई रफ्तार
गंगा एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश की “इकोनॉमिक लाइफलाइन” माना जा रहा है। यह प्रोजेक्ट राज्य में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के साथ-साथ निवेश और औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगा।
(Awaz Plus के लिए विशेष रिपोर्ट)
