लखनऊ/नई दिल्ली | आवाज़ प्लस
भारतीय राजनीति में अक्सर कहा जाता है कि “भाजपा कभी सोती नहीं”—और मौजूदा घटनाक्रम इस बात को फिर साबित करते नजर आ रहे हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण की वोटिंग जारी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने इसके साथ ही अगले चुनावी मिशन की तैयारियां भी तेज कर दी हैं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेतृत्व ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश, गुजरात समेत कुल 7 राज्यों में जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी का फोकस केवल मौजूदा चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति के तहत संगठन को और मजबूत करने पर है।
24×7 एक्टिव मोड में भाजपा
सूत्र बताते हैं कि भाजपा “इंतजार करो और देखो” की नीति पर नहीं चलती, बल्कि एक चुनाव खत्म होते ही अगले चुनाव की तैयारी शुरू कर देती है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में लगातार बैठकों और दौरों के जरिए रणनीति को अंतिम रूप दे रहे हैं।
बंद कमरे में रणनीतिक बैठकें
चुनावी व्यस्तताओं के बीच भाजपा नेतृत्व ने गोवा, गुजरात और उत्तर प्रदेश का दौरा कर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ कई अहम बैठकें कीं। इन बैठकों में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, नए चेहरों को मौका देने और क्षेत्रीय मुद्दों पर फोकस करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
2027 के लिए अभी से बिछी बिसात
गोवा, गुजरात, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश—इन सभी राज्यों में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा ने इन राज्यों में अभी से अपनी रणनीति तैयार करना शुरू कर दिया है ताकि चुनाव के समय तक संगठन पूरी तरह से सक्रिय और मजबूत रहे।
मौजूदा चुनावों पर भी नजर
भाजपा को पश्चिम बंगाल में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, वहीं असम और पुडुचेरी में सहयोगियों के साथ सत्ता में वापसी का भरोसा जताया जा रहा है। इसके अलावा तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में भी पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
दीर्घकालिक रणनीति पर जोर
पार्टी का मानना है कि केवल चुनावी नतीजों पर फोकस करने के बजाय संगठनात्मक मजबूती और कार्यकर्ता-आधारित राजनीति ही उसे अन्य दलों से अलग बनाती है। यही वजह है कि भाजपा हर समय चुनावी मोड में रहती है और अपनी रणनीति को लगातार अपडेट करती रहती है।
पश्चिम बंगाल चुनाव के साथ-साथ भाजपा ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि उसकी राजनीति केवल वर्तमान तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी पर भी बराबर केंद्रित है। 2027 की चुनावी लड़ाई के लिए पार्टी ने अभी से मोर्चा संभाल लिया है।
— आवाज़ प्लस
