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वॉशिंगटन/मॉस्को:
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और रूसी राष्ट्रपति Vladimir Putin के बीच हुई लंबी टेलीफोन बातचीत ने वैश्विक राजनीति में हलचल तेज कर दी है। करीब डेढ़ घंटे चली इस बातचीत में मिडिल ईस्ट की स्थिति, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और Ukraine युद्ध जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा हुई।

⚠️ मिडिल ईस्ट पर रूस की कड़ी चेतावनी
पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि यदि अमेरिका और Israel मिडिल ईस्ट में फिर से सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो इसके “बेहद विनाशकारी परिणाम” हो सकते हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में पहले से ही तनाव चरम पर है।
☢️ ईरान मुद्दे पर रूस की मध्यस्थता की पेशकश
बातचीत के दौरान Iran के लगभग 970 पाउंड (440 किलोग्राम) यूरेनियम भंडार को लेकर भी चर्चा हुई। पुतिन ने इस मुद्दे पर रूस को एक मध्यस्थ के रूप में पेश करने की इच्छा जताई।
ट्रंप ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे चाहेंगे कि रूस पहले यूक्रेन युद्ध को समाप्त कराने में सक्रिय भूमिका निभाए।
🕊️ यूक्रेन युद्ध और युद्धविराम प्रस्ताव
पुतिन ने “विजय दिवस” के मौके पर युद्धविराम की घोषणा करने की इच्छा जताई, जिसका ट्रंप ने समर्थन किया। दोनों नेताओं ने Volodymyr Zelenskyy की सरकार के रवैये को लेकर भी समान चिंता जताई और कहा कि इससे संघर्ष लंबा खिंच रहा है।
🌍 क्या बदलेंगे वैश्विक समीकरण?
इस बातचीत को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक अहम संकेत माना जा रहा है।
- रूस का ईरान के पक्ष में नरम रुख
- अमेरिका पर अप्रत्यक्ष दबाव
- और मिडिल ईस्ट में संभावित नए तनाव
इन सबके बीच आने वाले दिनों में वैश्विक शक्ति संतुलन पर बड़ा असर पड़ सकता है।
रूस की चेतावनी और मध्यस्थता की पेशकश यह संकेत देती है कि मिडिल ईस्ट का संकट अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बनता जा रहा है।
