जयपुर में ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना के शीर्ष कमांडरों की संयुक्त कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है। इस अहम बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर, डिफेंस सेक्रेटरी समेत तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल होंगे।

एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान के एयरबेस, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था। अब उसी ऑपरेशन की वर्षगांठ पर भविष्य की सैन्य रणनीति और आधुनिक युद्ध तकनीकों पर चर्चा होगी।
कॉन्फ्रेंस में इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट, आधुनिक फाइटर एयरक्राफ्ट, वॉरशिप, ड्रोन, मिसाइल और रॉकेट सिस्टम को लेकर विस्तृत योजना बनाई जाएगी। साथ ही नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और डेटा लिंक सिस्टम जैसी हाई-टेक सैन्य क्षमताओं को और मजबूत करने पर फोकस रहेगा।
भारतीय सेना का उद्देश्य साफ है कि आने वाले समय में किसी भी चुनौती का जवाब आधुनिक तकनीक और मजबूत सैन्य शक्ति के साथ दिया जाए। अधिकारियों के मुताबिक यह कॉन्फ्रेंस सिर्फ रणनीतिक बैठक नहीं बल्कि दुश्मन देशों के लिए एक बड़ा संदेश भी मानी जा रही है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन और तुर्की का समर्थन मिलने के बावजूद भारत ने अपनी सैन्य क्षमता का दम दिखाया था। अब जयपुर में होने वाली यह संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस दुनिया को भारत की नई सैन्य तैयारी और आत्मनिर्भर रक्षा शक्ति का संदेश देगी।
