केरल विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन की बड़ी जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने अकेले 63 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसकी सहयोगी IUML ने 22 सीटें हासिल कर मजबूत बहुमत दिलाया है। इसके बाद तिरुवनंतपुरम से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर तेज हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पद की रेस फिलहाल दो बड़े नेताओं के बीच सिमट गई है — के. सी. वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। अब अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को लेना है।
राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं वेणुगोपाल
के. सी. वेणुगोपाल को कांग्रेस संगठन का मजबूत चेहरा माना जाता है। वह पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महासचिव हैं और राहुल गांधी के बेहद करीबी नेताओं में गिने जाते हैं। वे वर्तमान में अलाप्पुझा लोकसभा सीट से सांसद हैं और छात्र राजनीति से अपना सफर शुरू कर राष्ट्रीय राजनीति तक पहुंचे हैं।
पार्टी के अंदर उनकी मजबूत पकड़ और केंद्रीय नेतृत्व से करीबी रिश्ते उन्हें मुख्यमंत्री पद का बड़ा दावेदार बना रहे हैं। हालांकि सवाल यह भी है कि क्या कांग्रेस उन्हें दिल्ली की राजनीति से हटाकर केरल भेजना चाहेगी।
संगठन और अनुभव के दम पर मजबूत दावेदार चेन्निथला
दूसरी ओर रमेश चेन्निथला को संगठन और प्रशासन दोनों का लंबा अनुभव है। वह युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रभारी हैं। चेन्निथला ने हरिपाद सीट से लगातार छठी बार जीत दर्ज की है।
वह पहले केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके हैं और चार बार लोकसभा सांसद बनने का अनुभव रखते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक वर्ग मानता है कि राज्य की राजनीति और संगठन पर उनकी पकड़ उन्हें मजबूत विकल्प बनाती है।
कांग्रेस विधायक दल की बैठक पूरी
केरल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हो चुकी है। पार्टी नेताओं ने अपने-अपने सुझाव आलाकमान तक पहुंचा दिए हैं। अब निगाहें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस हाईकमान के अंतिम फैसले पर टिकी हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस इस बार ऐसा चेहरा चुनना चाहेगी जो संगठन और सरकार दोनों को संतुलित तरीके से चला सके।
