पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। बीजेपी अब बंगाल में सत्ता संतुलन और सामाजिक समीकरण साधने के लिए “एक मुख्यमंत्री और दो डिप्टी मुख्यमंत्री” वाला फॉर्मूला अपनाने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah की मौजूदगी में Suvendu Adhikari के मुख्यमंत्री बनने पर औपचारिक मुहर लग सकती है, जबकि कल सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह होने की चर्चा तेज है।

डिप्टी CM पद के लिए कई बड़े नाम चर्चा में
बीजेपी नेतृत्व अब ऐसे चेहरों की तलाश में है जो बंगाल में महिला और दलित वोट बैंक को मजबूत संदेश दे सकें। डिप्टी मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे ज्यादा चर्चा Dilip Ghosh, Nisith Pramanik, Agnimitra Paul और Roopa Ganguly के नामों की हो रही है।
महिला वोट बैंक पर BJP की बड़ी रणनीति
इस विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 34 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया था, जिनमें से 23 उम्मीदवार जीतकर विधानसभा पहुंचीं। पार्टी का महिला स्ट्राइक रेट करीब 68 प्रतिशत रहा, जिसने नेतृत्व को महिला डिप्टी CM बनाने के विकल्प पर गंभीरता से सोचने के लिए प्रेरित किया है।
रूपा गांगुली क्यों मजबूत दावेदार?
- बंगाल बीजेपी का बड़ा महिला चेहरा
- ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मजबूत पकड़
- महिला सुरक्षा और महिला मुद्दों पर लगातार मुखर
- ममता बनर्जी के महिला वोट बैंक में सेंध लगाने में अहम भूमिका
- पूर्व बीजेपी महिला मोर्चा अध्यक्ष
- सोनारपुर साउथ सीट से बड़ी जीत दर्ज
अग्निमित्रा पॉल का नाम क्यों आगे?
- बीजेपी की आक्रामक और फायरब्रांड महिला नेता
- ममता बनर्जी के महिला नैरेटिव का मजबूत जवाब
- महिला मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष
- पार्टी हाईकमान का भरोसेमंद चेहरा
- आसनसोल साउथ से बड़ी जीत हासिल
दलित समीकरण साधने की कोशिश
बंगाल की 68 आरक्षित सीटों में बीजेपी ने 51 सीटों पर जीत दर्ज कर दलित वोट बैंक में बड़ी बढ़त बनाई है। यही वजह है कि पार्टी अब दलित चेहरे को डिप्टी CM बनाकर बड़ा संदेश देना चाहती है।
इस रेस में सबसे मजबूत नाम Nisith Pramanik का माना जा रहा है। नॉर्थ बंगाल में उनकी मजबूत पकड़ है और वे राजवंशी समाज से आते हैं। केंद्र सरकार में गृह राज्य मंत्री रह चुके निशिथ प्रमाणिक को संगठन और प्रशासन दोनों का अनुभव है।
बंगाल में BJP का बड़ा संदेश
बीजेपी अब बंगाल में सिर्फ सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि “सामाजिक संतुलन” का मॉडल पेश करना चाहती है। एक तरफ शुभेंदु अधिकारी के जरिए हिंदुत्व और संगठन का चेहरा, दूसरी तरफ महिला और दलित डिप्टी CM के जरिए व्यापक सामाजिक समीकरण साधने की तैयारी दिखाई दे रही है।
अब सबकी नजर कल होने वाले संभावित शपथ ग्रहण और बीजेपी नेतृत्व के अंतिम फैसले पर टिकी है।
