भारत में रेल यात्रा का चेहरा अब तेजी से बदलने जा रहा है। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि आने वाले समय में भारतीय रेल कई रूटों पर फ्लाइट से भी तेज और ज्यादा सुविधाजनक साबित होगी।

मंत्री के मुताबिक दिल्ली से लखनऊ का सफर सिर्फ 2 घंटे में पूरा होगा, जबकि दिल्ली से वाराणसी पहुंचने में करीब 3 घंटे 50 मिनट लगेंगे। इतना ही नहीं, मुंबई-पुणे के बीच यात्रा समय घटकर महज 28 मिनट रह जाएगा।
रेल मंत्री ने बताया कि भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तय पूंजीगत बजट का 98 प्रतिशत हिस्सा फरवरी के अंत तक ही खर्च कर दिया था, जो परियोजनाओं के तेज कामकाज को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि देश में अब तक 49 हजार किलोमीटर रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण किया जा चुका है, जो जर्मनी के पूरे रेल नेटवर्क से भी ज्यादा है। वहीं 36 हजार किलोमीटर नई पटरियां बिछाई गई हैं, जो स्विट्जरलैंड के रेल नेटवर्क से लगभग 6 गुना अधिक हैं।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे रूटों पर यात्रा समय में भारी कमी आएगी। बेंगलुरु से चेन्नई का सफर केवल 78 मिनट में पूरा होगा।
रेल मंत्री ने एयरलाइन कंपनियों को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जिन रूटों पर हाई-स्पीड रेल नेटवर्क तैयार होगा, वहां 99 प्रतिशत यातायात रेलवे की ओर शिफ्ट हो सकता है क्योंकि लोग तेज, आरामदायक और किफायती सफर के लिए ट्रेन को प्राथमिकता देंगे।
अब सवाल यही है कि क्या आने वाले वर्षों में भारतीय रेलवे सच में हवाई यात्रा को बड़ी चुनौती देने वाली है।
