रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता Azam Khan की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 7 साल पुराने विवादित बयान मामले में आजम खान को 2 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने उन पर 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

2019 के चुनावी बयान पर आया फैसला
यह मामला साल 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान आजम खान ने प्रशासनिक अधिकारियों और तत्कालीन डीएम को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया था।
बताया जाता है कि आजम खान ने जनसभा में कहा था कि लोग “कलेक्टर-पलेक्टर” से न डरें और अधिकारियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इसी मामले में कोर्ट ने अब फैसला सुनाते हुए उन्हें दोषी करार दिया है।
रामपुर जेल में बंद हैं आजम खान
फिलहाल आजम खान रामपुर जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ पहले से कई मामले चल रहे हैं और लगातार कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
अप्रैल में भी लगा था बड़ा झटका
इससे पहले अप्रैल 2026 में भी आजम खान और उनके बेटे Abdullah Azam Khan को बड़ा झटका लगा था। रामपुर की सेशन कोर्ट ने दोनों की अपील खारिज कर दी थी और सजा बरकरार रखी थी।
दोनों पर साल 2019 में दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने का आरोप लगा था। इस मामले में नवंबर 2025 में एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों को दोषी ठहराते हुए 7-7 साल की सजा सुनाई थी। साथ ही जुर्माना भी लगाया गया था।
