नई दिल्ली: वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। टूर्नामेंट भले ही अक्टूबर-नवंबर 2027 में खेला जाना है, लेकिन इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों को लेकर तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इस बार वर्ल्ड कप में 10 नहीं बल्कि 14 टीमें हिस्सा लेंगी और पुराना सुपर-6 फॉर्मेट भी वापसी करने जा रहा है। मुकाबले साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेले जाएंगे

रैंकिंग से तय होगा रास्ता, 31 मार्च 2027 है कट-ऑफ
आईसीसी ने साफ कर दिया है कि 31 मार्च 2027 को जारी वनडे रैंकिंग के आधार पर टॉप-8 टीमों को सीधी एंट्री मिलेगी। इस तारीख के बाद रैंकिंग में कोई बदलाव वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन पर असर नहीं डालेगा। ऐसे में 2026 के आखिर और 2027 की शुरुआत में होने वाली सीरीज बेहद अहम होंगी।
छोटी टीमों से हार का डर, बड़ी टीमों की रणनीति बदलेगी
कट-ऑफ नजदीक आते ही बड़ी टीमें कमजोर टीमों के खिलाफ खेलने से बच सकती हैं, क्योंकि एक हार से रैंकिंग में बड़ा नुकसान हो सकता है। वहीं, टॉप-8 से बाहर की टीमें हर हाल में ऊपर चढ़ने की कोशिश करेंगी।
क्वालीफायर का कठिन रास्ता
जो टीमें टॉप-8 में जगह नहीं बना पाएंगी, उन्हें क्वालीफायर लीग-2 और फिर ग्लोबल क्वालीफायर खेलना होगा। यहां स्कॉटलैंड, नीदरलैंड्स, नेपाल जैसी मजबूत उभरती टीमों से कड़ा मुकाबला करना पड़ेगा। इस रास्ते से वर्ल्ड कप में पहुंचना आसान नहीं होगा।
बांग्लादेश और वेस्टइंडीज पर खतरा
मौजूदा रैंकिंग में बांग्लादेश (9वें) और वेस्टइंडीज (10वें) स्थान पर हैं। ये दोनों टीमें ‘बॉर्डर लाइन’ पर हैं और एक खराब सीरीज इन्हें सीधे क्वालीफायर में धकेल सकती है।
होस्ट टीमों को फायदा
साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे मेजबान होने के कारण पहले ही वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं। नामीबिया को भी होस्टिंग का फायदा मिल सकता है (अंतिम पुष्टि आईसीसी शर्तों पर निर्भर करेगी)।
इन टीमों की स्थिति मजबूत
फिलहाल आईसीसी रैंकिंग में भारत, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड टॉप-3 में हैं और उनकी जगह लगभग पक्की मानी जा रही है। पाकिस्तान और इंग्लैंड भी टॉप-8 में बने हुए हैं, जिससे उनका दावा मजबूत है।
निष्कर्ष
ODI World Cup 2027 सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि रैंकिंग टेबल पर भी लड़ा जाएगा। आने वाले डेढ़ साल में हर मैच, हर सीरीज टीमों की किस्मत तय करेगी—सीधी एंट्री या कठिन क्वालीफायर का रास्ता।
(आवाज़ प्लस के लिए विशेष रिपोर्ट)
