पटना, 13 अप्रैल:
बिहार की राजनीति में इन दिनों तेजी से घटनाक्रम बदल रहे हैं। सूत्रों के अनुसार राज्य में सत्ता परिवर्तन की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है और 15 अप्रैल को नई सरकार के गठन के साथ शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस अहम कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

14 अप्रैल को पटना पहुंचेंगे पीएम मोदी
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी 14 अप्रैल की शाम पटना पहुंच सकते हैं और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। शपथ ग्रहण समारोह पटना स्थित लोक भवन में आयोजित किए जाने की तैयारी है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने कार्यक्रम को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
नीतीश कुमार दे सकते हैं इस्तीफा
मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को कैबिनेट बैठक के बाद इस्तीफा दे सकते हैं। इसी दिन एनडीए विधायक दल की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। राजनीतिक हलकों में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है।
विधायकों को पटना में रहने के निर्देश
एनडीए के सभी विधायकों को 14 और 15 अप्रैल को पटना में मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी तरह की राजनीतिक अस्थिरता से बचा जा सके। वहीं, नई कैबिनेट के गठन को लेकर भी मंथन जारी है। माना जा रहा है कि जेडीयू अपने कई पुराने चेहरों को मंत्रिमंडल में बनाए रख सकती है।
डिप्टी सीएम पद को लेकर सस्पेंस
डिप्टी सीएम पद को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। निशांत कुमार के नाम की चर्चा चल रही है, लेकिन उन्होंने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है। पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर रायशुमारी जारी है। कुछ नेता चाहते हैं कि वे पहले संगठन को मजबूत करें, जबकि कई विधायक उन्हें सरकार में बड़ी भूमिका देने के पक्ष में हैं।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर बिहार में सत्ता परिवर्तन की पटकथा लगभग तैयार मानी जा रही है। 15 अप्रैल का दिन राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है, जब नई सरकार के गठन के साथ नेतृत्व में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
