आवाज़ प्लस | विशेष रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और लखनऊ में आग की दो अलग-अलग घटनाओं ने हड़कंप मचा दिया। जहां गाजियाबाद में पन्नी के गोदाम से शुरू हुई आग ने झुग्गी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया, वहीं लखनऊ में लगी आग में दो मासूम बच्चों की जान चली गई।

🔥 गाजियाबाद: पन्नी गोदाम से झुग्गियों तक पहुंची आग
गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनावनी इलाके में गुरुवार दोपहर एक पन्नी (प्लास्टिक) के गोदाम में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आसपास बनी झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया और विकराल रूप धारण कर लिया।
घटना के वीडियो में काले धुएं का घना गुबार और ऊंची उठती लपटें साफ देखी गईं। मौके पर तुरंत दमकल की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मादंड के अनुसार,
- आग पर नियंत्रण पा लिया गया है
- किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है
- राहत और निगरानी कार्य जारी है
🚨 लखनऊ: झुग्गी बस्ती में आग, दो बच्चों की मौत
वहीं राजधानी लखनऊ के विकास नगर क्षेत्र में बुधवार शाम लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई। रिंग रोड के पास स्थित झुग्गी बस्ती में लगी इस आग ने करीब 200 झोपड़ियों को जलाकर राख कर दिया।
इस दर्दनाक हादसे में दो मासूम बच्चों (लगभग 2 वर्ष आयु) की मौत हो गई। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) दीक्षा शर्मा ने बताया कि देर रात तलाशी अभियान के दौरान दोनों के शव बरामद किए गए।
🛠️ राहत और बचाव कार्य जारी
घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया।
मौके पर तैनात टीमें:
- पुलिस विभाग
- अग्निशमन विभाग
- एसडीआरएफ
- एनडीआरएफ
अधिकारियों के अनुसार:
- सैकड़ों लोग बेघर हो गए
- प्रभावितों में अधिकतर दिहाड़ी मजदूर और घरेलू कामगार शामिल हैं
🏛️ सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया
- उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटनास्थल का दौरा कर राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए
- जिलाधिकारी विशाख जी. ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटना पर चिंता जताते हुए त्वरित राहत के निर्देश दिए
दोनों घटनाएं शहरी झुग्गी बस्तियों में सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। गाजियाबाद में जहां बड़ा हादसा टल गया, वहीं लखनऊ की घटना ने दो परिवारों को गहरा सदमा दे दिया।
प्रशासन द्वारा जांच के आदेश दिए गए हैं, ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
