ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: “धमकियों के साये में नहीं होगी वार्ता”, गालिबाफ का सख्त संदेश

 

तेहरान/इस्लामाबाद/वॉशिंगटन:
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच शांति वार्ता को लेकर हालात और अधिक जटिल होते जा रहे हैं। 22 अप्रैल को प्रस्तावित युद्धविराम (सीजफायर) समाप्त होने से पहले दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत पर अब भी संशय बना हुआ है। इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने साफ तौर पर कहा है कि “धमकियों के माहौल में किसी भी तरह की बातचीत संभव नहीं है।”

“वार्ता नहीं, दबाव की रणनीति अपना रहा अमेरिका”
गालिबाफ ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह होर्मुज क्षेत्र में नाकेबंदी और युद्धविराम उल्लंघन के जरिए वार्ता को “आत्मसमर्पण की मेज” में बदलना चाहता है। उन्होंने कहा,

“हम किसी भी दबाव या धमकी के साये में बातचीत स्वीकार नहीं करेंगे। पिछले दो हफ्तों में हमने अपनी रणनीतिक तैयारियां पूरी कर ली हैं।”

यह बयान संकेत देता है कि ईरान अब सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर आक्रामक रुख अपना सकता है।

इस्लामाबाद में वार्ता की कोशिश, लेकिन ईरान का रुख सख्त
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में वार्ताकारों की टीम को इस्लामाबाद भेजा है, जिससे बातचीत की संभावनाएं बनी रहें। हालांकि, ईरान का ताजा रुख इस पहल को कमजोर करता दिख रहा है।

ट्रंप की चेतावनी: “परिणाम होंगे विनाशकारी”
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि तेहरान को पूरी तरह अपना न्यूक्लियर कार्यक्रम छोड़ना होगा। उन्होंने चेतावनी दी:

“अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो परिणाम विनाशकारी होंगे। यह अच्छा नहीं होगा।”

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका किसी भी स्थिति के लिए तैयार है, लेकिन संभावित कार्रवाई पर खुलकर कुछ नहीं कहा।

बढ़ता संकट: क्या फिर युद्ध की ओर बढ़ रहे हालात?
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा बयानबाजी और सैन्य गतिविधियों से क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच सकता है। सीजफायर खत्म होने के बाद स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की राह फिलहाल बेहद कठिन नजर आ रही है। जहां एक ओर अमेरिका दबाव की नीति पर कायम है, वहीं ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी कीमत पर झुकने को तैयार नहीं है। आने वाले दिनों में यह टकराव वैश्विक राजनीति के लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।

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