आवाज़ प्लस | विशेष रिपोर्ट
ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पर तीखा हमला करते हुए उनके दावों को “एक घंटे में सात झूठ” करार दिया है

सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की बातचीत पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में होने की संभावना है, हालांकि अमेरिका ने अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
होर्मुज पर टकराव बढ़ा
रणनीतिक रूप से अहम Strait of Hormuz को लेकर तनाव चरम पर है।
- ईरान ने साफ किया है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रही तो होर्मुज फिर से बंद किया जा सकता है।
- गालिबाफ ने चेतावनी दी कि जहाजों की आवाजाही “ईरान की अनुमति” पर निर्भर होगी।
वहीं ट्रंप ने दो टूक कहा है कि:
- ईरान को किसी भी जहाज से टोल वसूलने की अनुमति नहीं दी जाएगी
- जब तक 100% डील नहीं होती, अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी
समझौता नहीं तो सैन्य कार्रवाई!
ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तय समयसीमा तक समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका “फिर से बमबारी” शुरू कर सकता है। साथ ही उन्होंने सीजफायर बढ़ाने से भी इनकार किया है।
चीन फैक्टर भी सक्रिय
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि होर्मुज खुलने से Xi Jinping खुश हैं और जल्द ही दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हो सकती है।
संयुक्त राष्ट्र से ईरान की गुहार
ईरान ने United Nations से हस्तक्षेप की मांग की है।
उप विदेश मंत्री Saeed Khatibzadeh ने कहा कि:
- ईरान पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं
- वैश्विक स्तर पर सख्त प्रतिक्रिया जरूरी है
वैश्विक तेल संकट गहराया
एनालिटिक्स फर्म Kpler के अनुसार:
- युद्ध के चलते वैश्विक बाजार से लगभग 50 करोड़ बैरल तेल कम हो चुका है
- इसे आधुनिक इतिहास की सबसे बड़ी ऊर्जा आपूर्ति बाधाओं में से एक माना जा रहा है
ईरान-अमेरिका के बीच कूटनीतिक वार्ता और सैन्य दबाव साथ-साथ चल रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य इस टकराव का केंद्र बन चुका है, जहां से दुनिया की बड़ी तेल आपूर्ति गुजरती है। आने वाले कुछ दिन वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।
