क्वेटा (बलूचिस्तान):
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक साथ कई बड़े हमले करते हुए प्रांत के करीब 10 शहरों में बाजारों, पुलिस चौकियों और सुरक्षा ठिकानों पर कब्जा कर लेने का दावा किया है। इन हमलों के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बल कई स्थानों से पोस्ट छोड़कर पीछे हटते नजर आए हैं।
बलूचिस्तान से जुड़ी खबरों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘द बलूचिस्तान पोस्ट’ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया है कि BLA लड़ाके खुले तौर पर बाजारों में गश्त करते दिखे, जबकि स्थानीय लोग तालियों और नारों के साथ उनका स्वागत कर रहे हैं।
‘ऑपरेशन हीरोफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत
BLA ने इन हमलों को अपने अभियान ‘ऑपरेशन हीरोफ’ (Operation Herof) का दूसरा चरण बताया है। संगठन के अनुसार, क्वेटा, नोशकी, मस्तुंग, दल्बंदीन, कलात, खारान, ग्वादर, पासनी, टंप और बुलेदा में एक साथ कार्रवाई की गई।
दावे के मुताबिक, BLA के फिदायीन दस्तों ने पाकिस्तानी सेना और ISI से जुड़े कैंपों को निशाना बनाया, कई पुलिस स्टेशनों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया और सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। क्वेटा में कई इमारतों की छतों पर BLA लड़ाके हथियारों के साथ नजर आए।
10 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत का दावा
BLA ने दावा किया है कि इन हमलों में कम से कम 10 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। हालांकि, संगठन ने यह भी स्वीकार किया है कि मुठभेड़ों में उसके कुछ लड़ाके भी मारे गए हैं। पाकिस्तानी सरकार या सेना की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर हताहतों की संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।
क्वेटा में इमरजेंसी, मोबाइल और ट्रेन सेवाएं बंद
सबसे ज्यादा गंभीर हालात क्वेटा में बताए जा रहे हैं। शहर के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिए गए हैं और ट्रेन सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं।
ग्वादर पोर्ट के पास भारी गोलीबारी
BLA लड़ाकों के ग्वादर पोर्ट के पास पहुंचने की भी खबर है, जहां पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के साथ भीषण गोलीबारी की सूचना मिली है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूरे इलाके में फायरिंग की आवाजें गूंज रही हैं और आसमान में काले धुएं के गुबार देखे गए हैं।
महिला लड़ाकों के शामिल होने का दावा
BLA ने अपने बयान में दावा किया है कि इस ऑपरेशन में महिला लड़ाकों ने भी हिस्सा लिया है। वहीं, बलूच नेता सरदार अख्तर मेंगल ने स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा,
“मैंने अपने जीवन में बलूचिस्तान में कभी इतनी भयावह स्थिति नहीं देखी।”
दशकों पुराने संघर्ष ने पकड़ा नया जोर
बलूचिस्तान खनिज संसाधनों से समृद्ध होने के बावजूद लंबे समय से गरीबी, बेरोजगारी और मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों से जूझ रहा है। BLA इन हमलों को बलूच स्वतंत्रता की लड़ाई बता रहा है, जबकि पाकिस्तान सरकार इसे आतंकवादी गतिविधि करार देती है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में हालात अस्थिर बने हुए हैं और आगे हिंसा बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
