GRAP-4 लागू: दिल्ली-NCR में प्रदूषण आपातकाल, गाड़ियों पर ब्रेक और स्कूल हाइब्रिड मोड में

दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 400 के पार पहुंचते ही हालात को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने 24 दिन बाद दोबारा ग्रैप-4 (GRAP-IV) की सबसे सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। इसके साथ ही राजधानी और आसपास के इलाकों में आम जनजीवन, ट्रैफिक, स्कूलों और निर्माण गतिविधियों पर सीधा असर पड़ा है।

क्यों लागू किया गया GRAP-4

CAQM के अनुसार, शनिवार शाम दिल्ली का औसत AQI 400 तक पहुंच गया था, जो रात 8 बजे बढ़कर 428 हो गया। मौसम विभाग की चेतावनी थी कि पश्चिमी विक्षोभ, हवा की कम रफ्तार और स्थिर वातावरण के कारण प्रदूषण और बढ़ सकता है। हालात को बिगड़ने से रोकने के लिए इमरजेंसी बैठक के बाद GRAP-4 लागू करने का फैसला लिया गया।

पहले से ही GRAP-1, 2 और 3 लागू थे, लेकिन प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए अब चौथे और सबसे कड़े चरण की जरूरत पड़ी।

GRAP-4 के तहत क्या-क्या पाबंदियां लगीं

🚛 ट्रकों की एंट्री पर रोक

  • दिल्ली में डीजल से चलने वाले ट्रकों की एंट्री बंद
  • जरूरी सामान और सेवाओं से जुड़े ट्रकों को छूट

🚗 किन गाड़ियों पर प्रतिबंध

  • दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम स्टैंडर्ड वाली गाड़ियों की दिल्ली में एंट्री बंद
  • BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल कारों पर दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और नोएडा में रोक
  • CNG वाहनों को छूट
  • नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना

🏗️ निर्माण और तोड़फोड़ पर ब्रेक

  • दिल्ली-NCR में सभी निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियां पूरी तरह बंद
  • केवल आवश्यक परियोजनाओं को सीमित छूट
  • स्कूल खुलेंगे या नहीं?

GRAP-4 के चलते बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया गया है—

  • नर्सरी से 9वीं और 11वीं कक्षा तक के स्कूल हाइब्रिड मोड में
  • यानी ऑनलाइन + फिजिकल क्लास दोनों विकल्प
  • 10वीं और 12वीं की कक्षाएं फिलहाल फिजिकल मोड में चल सकती हैं
  • स्थानीय हालात के अनुसार राज्य सरकारें या जिला प्रशासन छुट्टी या समय में बदलाव का आदेश दे सकते हैं

24 दिन बाद क्यों लौटीं सबसे सख्त पाबंदियां

पिछली बार 13 दिसंबर को GRAP-4 लागू किया गया था। बाद में प्रदूषण में हल्का सुधार होने पर 24 दिसंबर को पाबंदियां हटा ली गई थीं। लेकिन जनवरी में मौसम की मार और बढ़ते प्रदूषण के कारण हालात फिर से गंभीर हो गए, जिससे एक बार फिर GRAP-4 की जरूरत पड़ गई।

आम लोगों पर क्या असर

  • रोज़मर्रा की आवाजाही प्रभावित
  • लाखों वाहन सड़कों से गायब
  • स्कूल जाने वाले बच्चों और अभिभावकों में असमंजस
  • निर्माण मजदूरों और रियल एस्टेट सेक्टर पर असर
  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह: बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें

निष्कर्ष

GRAP-4 का लागू होना साफ संकेत है कि दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण अब स्वास्थ्य आपातकाल का रूप ले चुका है। जब तक मौसम साथ नहीं देता और प्रदूषण का स्तर नीचे नहीं आता, तब तक इन सख्त पाबंदियों के साथ ही लोगों को जीना होगा। सवाल यह है कि क्या ये अस्थायी कदम काफी हैं, या फिर प्रदूषण पर स्थायी समाधान की जरूरत अब टाली नहीं जा सकती?

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