मॉस्को/तेहरान: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रूस और ईरान की नजदीकियां एक बार फिर सुर्खियों में हैं। Vladimir Putin और Abbas Araghchi की मॉस्को में हुई हाई-लेवल मुलाकात के बाद दोनों देशों ने अपने रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं। इस बैठक के बाद तेहरान का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ नजर आ रहा है।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि मौजूदा अस्थिर वैश्विक हालात में रूस के साथ उच्च स्तर पर संवाद बेहद अहम है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि हाल की घटनाओं ने रूस-ईरान साझेदारी की गहराई को साबित किया है। उन्होंने रूस के समर्थन और कूटनीतिक सहयोग के लिए आभार भी जताया।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बैठक के दौरान ईरानी जनता की सराहना करते हुए कहा कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए साहस और दृढ़ता के साथ खड़े हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूस पश्चिम एशिया में जल्द से जल्द शांति बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा।
इस बैठक पर रूस के विदेश मंत्री Sergey Lavrov ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे “रचनात्मक और उपयोगी” बताया। वहीं क्रेमलिन के प्रवक्ता Dmitry Peskov ने कहा कि रूस दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता के लिए तैयार है और स्थायी शांति सुनिश्चित करने हेतु “हर संभव कदम” उठाएगा।
शांति वार्ता पर अनिश्चितता बरकरार
ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित दूसरे दौर की शांति वार्ता को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। इससे पहले अप्रैल में हुई पहली बातचीत कोई ठोस नतीजा नहीं दे सकी थी।
कूटनीतिक दौरे जारी
रूस यात्रा से पहले अराघची Islamabad और Oman का दौरा कर चुके हैं, जहां उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान पर अहम चर्चाएं कीं।
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। ईरान की जवाबी कार्रवाई के चलते हालात और बिगड़ गए हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी है।
रूस-ईरान की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी ने पश्चिम एशिया की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या रूस की मध्यस्थता क्षेत्र में शांति ला पाएगी या तनाव और बढ़ेगा।
