लखनऊ/तेहरान | आवाज़ प्लस
ईरान में सेना स्थापना दिवस के अवसर पर देश के सुप्रीम लीडर और सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ मुज्तबा खामेनेई ने एक सशक्त संदेश जारी करते हुए ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि सेना ने अमेरिका की “शैतानी साजिशों” और पहलवी शासन के समर्थकों की विभाजनकारी मंशाओं को विफल कर एक नया इतिहास रचा है।

29 फरवरदीन (18 अप्रैल 2026) को जारी इस संदेश में खामेनेई ने ईरान की सेना को “राष्ट्र की संतान” बताते हुए उसकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि यह सेना सीधे जनता की गोद से जन्मी है और देश की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा में लगातार अग्रणी भूमिका निभा रही है।
अपने संदेश की शुरुआत उन्होंने कुरान की आयत से की, जिसमें एकजुट होकर संघर्ष करने वालों की प्रशंसा की गई है। खामेनेई ने कहा कि ईरानी सेना ने न केवल बाहरी दुश्मनों बल्कि आंतरिक अलगाववादी ताकतों के खिलाफ भी मजबूती से मुकाबला किया है।
उन्होंने विशेष रूप से अमेरिका और पहलवी वंश के समर्थकों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये ताकतें ईरान को कमजोर और विभाजित करने की साजिश रच रही थीं। हालांकि, ईरानी सेना और IRGC ने इन सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया।
खामेनेई ने आगे कहा कि आज ईरान की सेना अपने जल, थल और वायु क्षेत्रों की रक्षा में पूरी तरह सक्षम और सतर्क है। उन्होंने सेना के जवानों के साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह समर्पण देश के भविष्य को सुरक्षित बनाए रखेगा।
गौरतलब है कि ईरान हर वर्ष 29 फरवरदीन को सेना दिवस के रूप में मनाता है, जिसकी स्थापना रूहोल्लाह खुमैनी ने की थी। इस दिन सेना की ताकत और उपलब्धियों का प्रदर्शन किया जाता है।
(आवाज़ प्लस के लिए विशेष रिपोर्ट)
