पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। थोड़ी देर में बीजेपी विधायक दल की बैठक होने जा रही है, जहां बंगाल की सत्ता के लिए सबसे बड़ा नाम बनकर उभरे हैं Suvendu Adhikari। माना जा रहा है कि केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah खुद उनके नाम का ऐलान कर सकते हैं।

कभी Mamata Banerjee के सबसे भरोसेमंद सहयोगी रहे शुभेंदु अधिकारी आज वही नेता बन चुके हैं जिन्होंने दीदी को उनके सबसे मजबूत गढ़ में चुनौती देकर सियासी तस्वीर बदल दी।
नंदीग्राम से भवानीपुर तक… ‘दीदी’ को दो-दो बार मात
2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में ममता बनर्जी को हराकर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था। इसके बाद 2026 चुनाव में उन्होंने भवानीपुर सीट पर भी जीत दर्ज कर बंगाल की राजनीति में खुद को सबसे बड़े हिंदुत्व चेहरे के तौर पर स्थापित कर दिया।
बीजेपी के अंदर उन्हें बंगाल विजय का प्रमुख रणनीतिकार माना जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि शुभेंदु ने ग्रामीण बंगाल में संगठन को मजबूत किया और BJP को ऐतिहासिक बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
अमित शाह के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शामिल
दिसंबर 2020 में मेदिनीपुर की रैली में शुभेंदु अधिकारी ने TMC छोड़कर बीजेपी जॉइन की थी। उस दौरान मंच पर उन्होंने अमित शाह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया था। तभी से अमित शाह लगातार उनके समर्थन में खड़े दिखाई दिए।
अब जब बंगाल में बीजेपी सत्ता के करीब पहुंची है तो शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
अविवाहित, सादगीभरा जीवन और मजबूत जनाधार
15 दिसंबर 1970 को पूर्वी मेदिनीपुर के कांथी में जन्मे शुभेंदु अधिकारी राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता Sisir Adhikari बंगाल की राजनीति का बड़ा नाम रहे हैं।
शुभेंदु अधिकारी की पहचान उनकी सादगी से भी जुड़ी है — कुर्ता-पायजामा, साधारण चप्पल और ग्रामीण जनता से सीधा संवाद। यही वजह है कि बंगाल के गांवों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
कांग्रेस से TMC और फिर BJP तक का सफर
1989 में छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाले शुभेंदु अधिकारी 1998 में TMC से जुड़े। ममता बनर्जी ने उन्हें परिवहन और सिंचाई जैसे बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी दी थी।
लेकिन 2020 में TMC से मतभेद के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी और BJP में शामिल हो गए। इसके बाद उनका राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया।
क्यों मजबूत है CM पद की दावेदारी?
- ममता बनर्जी को दो बार चुनाव में हराने वाले इकलौते नेता
- बंगाल में BJP के सबसे बड़े हिंदुत्व चेहरे
- संगठन और ग्रामीण वोट बैंक पर मजबूत पकड़
- नेता प्रतिपक्ष रहने का प्रशासनिक अनुभव
- पीएम Narendra Modi और अमित शाह के करीबी नेताओं में गिने जाते हैं
अब सबकी नजर बीजेपी विधायक दल की बैठक पर है, जहां बंगाल की राजनीति का नया अध्याय लिखे जाने की पूरी संभावना है।
