मध्य-पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक बड़ी अपील की है। पीएम मोदी ने लोगों से 1 साल तक सोने की खरीदारी और गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने को कहा है। उनका कहना है कि इससे देश का विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहेगा और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ रहा दबाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार घट रहा है। 1 मई को खत्म हुए सप्ताह में यह घटकर 690.693 अरब डॉलर रह गया। विशेषज्ञों का मानना है कि मध्य-पूर्व संकट और डॉलर की बढ़ती मांग के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा है।
भारत 80-85% कच्चा तेल करता है आयात
भारत अपनी जरूरत का लगभग 80 से 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर पड़ता है। आरबीआई के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में 10% बढ़ोतरी से विकास दर घट सकती है और महंगाई बढ़ सकती है।
सोने के आयात से बढ़ रहा व्यापार घाटा
भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ताओं में शामिल है और अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा सोना आयात करता है। वित्त वर्ष 2025-26 में सोने का आयात बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इससे देश का व्यापार घाटा भी लगातार बढ़ रहा है।
क्या सस्ता होगा सोना?
पीएम मोदी की अपील के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय बाजार, अमेरिकी डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों से तय होती हैं। इसलिए सिर्फ घरेलू मांग कम होने से कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है।
विशेषज्ञों की राय
आर्थिक जानकारों का कहना है कि फिलहाल सरकार का फोकस आयात कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने पर है। हालांकि भारत में सोने की मांग सिर्फ निवेश ही नहीं बल्कि परंपरा और सांस्कृतिक कारणों से भी जुड़ी हुई है, इसलिए मांग में बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है।
