14 साल की बांग्लादेशी किशोरी ने खोला देह व्यापार गिरोह का राज, 200 पुरुषों के शोषण का दावा

महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई, नायगांव में 26 जुलाई 2025 को एक मानव तस्करी और देह व्यापार गिरोह से 14 साल की एक बांग्लादेशी किशोरी को बचाया गया। पुलिस को दिए बयान में किशोरी ने बताया कि तीन महीने में कम से कम 200 पुरुषों ने उसका यौन शोषण किया। इस दावे की जांच चल रही है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी एक भयावह तस्करी और शोषण के मामले को उजागर करती है। किशोरी स्कूल में एक विषय में फेल होने के बाद घर से भाग गई थी, जिसके बाद एक परिचित महिला ने उसे भारत में अवैध रूप से लाने में मदद की और देह व्यापार में धकेल दिया। उसे पहले गुजरात के नाडियाड ले जाया गया, फिर नवी मुंबई, पुणे, गुजरात, कर्नाटक और अन्य स्थानों पर तस्करी की गई।

पुलिस के अनुसार, किशोरी को बड़ा दिखाने के लिए संभवतः हार्मोनल इंजेक्शन दिए गए, उसे बेहोशी की दवाएं दी गईं और अनुपालन के लिए गर्म चम्मच से दागा गया। मिरा-भाईंदर वसई-विरार पुलिस की मानव तस्करी रोधी इकाई (एएचटीयू) ने एनजीओ ‘एक्सोडस रोड इंडिया फाउंडेशन’ और ‘हार्मनी फाउंडेशन’ के साथ संयुक्त अभियान में पांच पीड़ितों को बचाया, जिनमें से तीन बांग्लादेशी नागरिक हैं।

गिरफ्तारियां और आरोपी

12 अगस्त 2025 तक, मामले में दस लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी हैं:

  • मोहम्मद खालिद अब्दुल बापारी (33): पीड़ितों को देह व्यापार के लिए विभिन्न शहरों में भेजने का मुख्य आरोपी।
  • जुबेर हारुन शेख (38) और शमीम गफ्फार सरदार (39): गिरोह में शामिल एजेंट।
  • दो महिलाएं (33 और 32 वर्ष): किशोरी को बांग्लादेश से भारत लाने में मदद करने का आरोप।
  • छह गिरफ्तार लोग बांग्लादेशी नागरिक हैं।

मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस टीमें देश के विभिन्न हिस्सों में भेजी गई हैं।

अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बयान

  • वरिष्ठ निरीक्षक विजय कदम (नायगांव पुलिस थाना): गिरफ्तारियों और जांच की पुष्टि की।
  • एमबीवीवी पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक: गिरोह का पर्दाफाश करने और असुरक्षित किशोरों को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रयासों की बात कही।
  • अब्राहम मथाई (हार्मनी फाउंडेशन): 200 कथित शोषकों की पहचान और गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने बताया कि किशोरी घर से भागने के बाद शोषण का शिकार हुई।
  • मानवाधिकार कार्यकर्ता मधु शंकर: देश भर में नाबालिगों के अपहरण और हार्मोनल इंजेक्शन देकर देह व्यापार में धकेलने के मामलों पर प्रकाश डाला।

सत्यापन और विसंगतियां

यह घटना एनडीटीवी, हिंदुस्तान टाइम्स और पीटीआई जैसे विश्वसनीय भारतीय मीडिया द्वारा रिपोर्ट की गई है, जिसमें जानकारी सुसंगत है। कुछ रिपोर्टों में पीड़िता की उम्र 12 वर्ष बताई गई, लेकिन अधिकांश, विशेष रूप से पुलिस बयानों में, यह 14 वर्ष है। यह मामला बांग्लादेश से भारत में अवैध तस्करी और देह व्यापार के व्यापक पैटर्न से मेल खाता है। 200 शोषकों का दावा फोरेंसिक और मेडिकल साक्ष्यों से सत्यापित किया जा रहा है।

एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस मामले को लेकर आक्रोश है, लोग कठोर सजा जैसे बधियाकरण की मांग कर रहे हैं और न्याय की बात कर रहे हैं। कुछ पोस्ट इसे अन्य मामलों या बांग्लादेश की व्यापक समस्याओं से जोड़ते हैं, लेकिन मुख्य तथ्य इस ऑपरेशन पर केंद्रित हैं।

व्यापक संदर्भ

भारत में मानव तस्करी और यौन शोषण एक गंभीर समस्या है। महाराष्ट्र में पहले भी कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जैसे दिसंबर 2023 में विरार में 200 से अधिक लड़कियों को फंसाने वाला एक मामला। कार्यकर्ता गरीबी, अवैध प्रवास और संगठित अपराध को इसके लिए जिम्मेदार मानते हैं। 200 कथित ग्राहकों को पकड़ने की मांग तस्करी नेटवर्क में ग्राहकों की जवाबदेही की चुनौती को दर्शाती है।

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