MP की लापता वकील अर्चना तिवारी 12 दिन बाद यूपी-नेपाल बॉर्डर से बरामद…

भोपाल / लखीमपुर खीरी-
मध्य प्रदेश में नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से रहस्यमयी ढंग से लापता हुईं वकील अर्चना तिवारी आखिरकार 12 दिन बाद मिल गई हैं। पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में नेपाल बॉर्डर के पास से बरामद किया। इस घटना ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को गहरी चिंता में डाल दिया था। अब पुलिस उन्हें भोपाल ला रही है, जहाँ उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और पूरा घटनाक्रम स्पष्ट होगा।

📌 घटना की शुरुआत:

अर्चना तिवारी (29) मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर पीठ में प्रैक्टिस कर रही थीं और सिविल जज परीक्षा की तैयारी भी कर रही थीं। 7 अगस्त को वे नर्मदा एक्सप्रेस से इंदौर से कटनी के लिए रवाना हुई थीं। उनका उद्देश्य रक्षाबंधन पर घर पहुँचना था। लेकिन वे अपने गंतव्य तक नहीं पहुँचीं।

उनकी आखिरी लोकेशन इटारसी स्टेशन पर मिली थी, जिसके बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया और उनसे संपर्क पूरी तरह टूट गया। परिवार ने तुरंत भोपाल के रानी कमलापति जीआरपी थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

📌 पुलिस की जाँच और चुनौती

जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने अर्चना की खोज के लिए 12 दिनों तक व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

  • नर्मदा एक्सप्रेस के डिब्बों और रास्ते में आने वाले सभी रेलवे स्टेशनों की तलाशी ली गई।
  • इटारसी से लेकर कटनी तक के सभी रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।
  • मोबाइल लोकेशन की जाँच की गई, जो आखिरी बार इटारसी के आसपास ट्रेस हुई थी।

इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस को यह आशंका भी थी कि कहीं किसी अपराध या अपहरण की घटना तो नहीं हुई है।

📌 नेपाल बॉर्डर से बरामद

रेलवे एसपी राहुल कुमार लोढ़ा ने बताया कि लगातार खोजबीन के बाद अर्चना को लखीमपुर खीरी (यूपी) में नेपाल सीमा के पास ढूँढ निकाला गया। यह बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि मामला कई दिनों से रहस्य बना हुआ था।

📌 अब अगला कदम

अर्चना को भोपाल लाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी—

  • आखिर अर्चना 12 दिनों तक कहाँ थीं?
  • वह नेपाल सीमा के पास कैसे पहुँचीं?
  • क्या किसी ने उन्हें बहकाया या अपहरण किया?
  • या फिर इसके पीछे व्यक्तिगत कारण छिपे हैं?

📌 परिवार की चिंता और उम्मीद

अर्चना के परिवारजनों ने राहत की साँस ली है। वे लगातार पुलिस से गुहार लगा रहे थे कि उनकी बेटी को सकुशल बरामद किया जाए। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और बयान दर्ज करने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आएगी।

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