बरेली में बेहद शर्मनाक वारदात: दुष्कर्म और वीडियो वायरल करने का मामला; हाफ एनकाउंटर में दो आरोपी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के अलीगंज क्षेत्र में एक सनसनीखेज और निंदनीय घटना सामने आई है, जहां कास्मेटिक दुकानदार जितेश उर्फ जीतू और उसके दोस्त अंकित ने किशोरियों को नशीली दवा देकर बेहोश किया, दुष्कर्म किया और वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी। पुलिस और महिला एसओजी (वीरांगना यूनिट) की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को आंवला-अलीगंज मार्ग पर मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में आरोपियों के पैरों में गोली लगी। यह मामला नाबालिगों के खिलाफ यौन शोषण और ब्लैकमेल की गहरी साजिश को उजागर करता है, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

घटना का विवरण

  • पहली पीड़िता का मामला: पीड़िता की मां ने शनिवार शाम अलीगंज थाने में तहरीर दी। आरोप है कि जितेश ने किशोरी को कोल्ड ड्रिंक में नशीली दवा मिलाकर बेहोश किया और अपनी दुकान पर दुष्कर्म कर मोबाइल से वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर चुप रहने को मजबूर किया। जितेश ने वीडियो अपने दोस्त अंकित को भी भेज दिया, जिसने 5 अगस्त को पीड़िता को वीडियो दिखाकर गांव में दुष्कर्म किया।
  • दूसरी पीड़िता का मामला: राजपुर कला निवासी बीएससी छात्रा के भाई ने रविवार शाम अलीगंज एसओ को तहरीर दी। 10 माह पहले छात्रा जितेश की दुकान पर मोबाइल रिचार्ज कराने गई थी। जितेश ने दुकान के कैमरे से उसका फोटो लिया, एडिट कर नग्न तस्वीर बनाई और वायरल करने की धमकी देकर दुकान के अंदर ले जाकर दुष्कर्म किया। वीडियो भी बनाया। पांच दिन पहले भी फोन पर बुलाया, मना करने पर वीडियो वायरल कर दिया।
  • आरोपियों की साजिश: चर्चा है कि कम से कम चार वीडियो वायरल हुए हैं। जितेश की दुकान पर पीछे और ऊपर कमरे बने हैं, जहां वह लड़कियों को ब्लैकमेल कर ले जाता था। अनुमान है कि उसके मोबाइल में दर्जनभर से अधिक वीडियो हो सकते हैं।

पुलिस की कार्रवाई और मुठभेड़

  • तलाश और गिरफ्तारी: शनिवार रात तहरीर मिलते ही अलीगंज थाना पुलिस और एसपी साउथ अंशिका वर्मा के नेतृत्व वाली वीरांगना यूनिट ने आरोपियों की तलाश शुरू की। रविवार तड़के करीब 2:30 बजे आंवला-अलीगंज मार्ग पर अब्दुल्ला के बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास से जितेश और अंकित को घेर लिया गया।
  • मुठभेड़ का विवरण: मेडिकल जांच के लिए जाते समय रविवार सुबह करीब 5 बजे ग्राम सुतेरा के पास आरोपियों ने एक पुलिसकर्मी का असलाह छीनकर फायरिंग की और भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में जितेश के दाहिने पैर और अंकित के बाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
  • जब्ती और जांच: पुलिस ने जितेश, अंकित और जितेश की मां के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य संग्रहित किए। सीओ आंवला नितिन कुमार ने पुष्टि की कि मुकदमा IPC धारा 376 (दुष्कर्म), 354 (छेड़छाड़), 506 (धमकी), POCSO एक्ट और IT एक्ट की धाराओं में दर्ज है। आरोपी अस्पताल में भर्ती हैं, पूछताछ जारी है।
  • पकड़ने वाली टीम: इसमें प्रभारी निरीक्षक जगत सिंह, एसआई सईद खां, मुकेश कुमार, राजेश कुमार, प्रणव श्रोत्रिय, हेड कांस्टेबिल रोहित कुमार, प्रदीप कुमार, प्रवीण गौतम, भूपेंद्र सिंह, विशाल प्रताप, हिमांशु, उदित कुमार, त्रिवेंद्र, वीरेंद्र, चमन लाल और महिला एसओजी टीम शामिल रही।

आरोपियों का बैकग्राउंड

  • जितेश उर्फ जीतू: इंटरमीडिएट तक पढ़ा-लिखा, गांव में कास्मेटिक दुकान चलाता है। रिचार्ज और मिनी बैंकिंग का काम भी करता है। चार भाइयों में सबसे छोटा, अविवाहित।
  • अंकित: हाईस्कूल पास, सरकारी गल्ले की दुकान पर नौकरी। अविवाहित।
  • अन्य संदिग्ध: पुलिस के रडार पर गांव के अन्य युवक भी हैं। दो तहरीरें मिल चुकी हैं, तलाश तेज।

क्षेत्रीय प्रतिक्रिया

इस घटना से अलीगंज और आसपास के गांवों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों और महिला संगठनों ने सख्त सजा की मांग की है। वीरांगना यूनिट की तारीफ हो रही है, लेकिन अभिभावकों ने लड़कियों की सुरक्षा के लिए गांवों में पेट्रोलिंग और जागरूकता अभियान बढ़ाने की मांग की। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने कहा, “हम ऐसी साजिशों को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे। पीड़िताओं को न्याय मिलेगा।”

यह मामला उत्तर प्रदेश में नाबालिगों के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों की पृष्ठभूमि में और गंभीर है। पुलिस ने मोबाइल मेमोरी की फॉरेंसिक जांच तेज कर दी है, जिससे और पीड़िताओं के खुलासे हो सकते हैं। पीड़ित परिवारों की गोपनीयता का सम्मान करते हुए, हम अपडेट्स पर नजर रखेंगे।

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