राजस्थान और मध्य प्रदेश से बच्चों की मौत की चौंकाने वाली खबरें सामने आई हैं।
- राजस्थान में कफ सिरप (डेक्सट्रोमेथारफन हाइड्रोब्रोमाइड) पीने से कई बच्चे बीमार पड़े और सीकर जिले में एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
- मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में एक महीने के भीतर किडनी फेल/संक्रमण से 7 बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि 6 अन्य का इलाज चल रहा है।
🔬 जांच का दायरा बढ़ा
- राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) ने दोनों राज्यों में अस्पतालों और प्रभावित इलाकों से दवा और पानी के नमूने एकत्र किए हैं।
- परीक्षण रिपोर्ट राज्य दवा प्राधिकरणों के साथ साझा की जाएगी।
- राजस्थान सरकार ने कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है और संदिग्ध बैचों के नमूने लैब भेजे हैं।
📍 प्रभावित इलाके
- राजस्थान: भरतपुर, जयपुर, सीकर, बांसवाड़ा → यहां कई बच्चों के बीमार होने की पुष्टि हुई है।
- मध्य प्रदेश: छिंदवाड़ा और बैतूल → यहां किडनी संक्रमण से मौतें हुई हैं।
⚠️ संभावित कारण
- डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों की मौतें हेवी डोज दवा लेने या दूषित पानी के कारण हुई हो सकती हैं।
- पुणे की वायरोलॉजी लैब ने जांच में “सामान्य किडनी संक्रमण” की बात तो कही, लेकिन स्पष्ट कारण नहीं बताया।
🗣️ प्रशासनिक प्रतिक्रिया
- राजस्थान: पुलिस में शिकायत दर्ज, दवा कंपनियों पर कार्रवाई की तैयारी।
- मध्य प्रदेश:
- कलेक्टर ने कहा कि यह भी जांच हो रही है कि दवा किसने दी—अगर किसी झोलाछाप ने बच्चों को गलत दवा दी, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
- पानी की गुणवत्ता की भी जांच हो रही है।
👉 यह घटना न सिर्फ स्वास्थ्य प्रणाली की लापरवाही उजागर करती है, बल्कि दवा और पेयजल सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
